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अनूपपुर: अमरकंटक में संत की हत्या के दोषी को उम्रकैद, 10 हजार रुपये का जुर्माना

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अनूपपुर: अमरकंटक में संत की हत्या के दोषी को उम्रकैद, 10 हजार रुपये का जुर्माना


अनूपपुर, 14 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक क्षेत्र में जूना अखाड़े से जुड़े संत की हत्या के मामले में राजेंद्रग्राम के अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने आरोपी वीरेंद्र सिंह खटेट को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धनकुमार कड़ोपे की न्यायालय ने बुधवार को वैज्ञानिक साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर यह फैसला सुनाया।

मामला अमरकंटक क्षेत्र के गढ़ीदादर-चचानडीह स्थित शिवदावा आश्रम, जूना अखाड़े से जुड़े संत की हत्या से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 7 अगस्त 2024 को हुई इस घटना के पीछे आरोपी और संत के बीच पुरानी रंजिश थी। संत द्वारा शराब, मांसाहार और महिलाओं के प्रति कथित अनुचित व्यवहार का विरोध किए जाने को विवाद की प्रमुख वजह बताया गया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष रखा। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी माना।

न्यायालय ने आरोपी वीरेंद्र सिंह खटेट को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का दोषी ठहराया। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल से संबंधित तथ्यों पर विचार करने के बाद न्यायालय ने आजीवन कारावास तथा 10 हजार रुपये के जुर्माने का दंड निर्धारित किया।

मामले में संत भोलगिरी खड़ेश्वरी अलबेले द्वारा क्षेत्र में शराब, मांसाहार और महिलाओं के साथ कथित अशोभनीय व्यवहार का विरोध किए जाने की बात सामने आई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी विरोध के कारण आरोपी के साथ उनकी रंजिश बढ़ी और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

न्यायालय के फैसले को मामले में न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। संत समाज और स्थानीय लोगों की नजर इस प्रकरण पर बनी हुई थी। आजीवन कारावास की सजा से यह संदेश सामने आया है कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर दंड दिया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला