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वरीय अधिवक्ता ख्वाजा मोइनुद्दीन हत्याकांड में कांग्रेस नेता गिरफ्तार

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हैदराबाद, 29 मई (हि.स.)। हैदराबाद पुलिस ने वरिष्ठ अधिवक्ता ख्वाजा मोइनुद्दीन की नृशंस हत्या के मामले को सुलझा लिया है और शुक्रवार को इस मामले में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुजाहिद आलम खान और अन्य को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह शहर में वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रहे लंबे विवादों से जुड़ी एक सुनियोजित हत्या थी। 23 मई को सुबह तैराकी के लिए घर से निकलते समय मसाब टैंक स्थित उनके आवास के बाहर एक तेज रफ्तार एसयूवी की चपेट में आने से अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि शुरुआत में इसे हिट-एंड-रन का मामला माना गया था, लेकिन जांचकर्ताओं को बाद में ऐसे सबूत मिले जिनसे पता चला कि टक्कर जानबूझकर मारी गई थी।

पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज में एक हरे रंग की महिंद्रा स्कॉर्पियो को अधिवक्ता के आवास के पास इंतजार करते हुए और फिर जानबूझकर उन पर गाड़ी चढ़ाकर भागते हुए देखा गया। इस फुटेज ने तकनीकी निगरानी ने पुलिस को साजिश में शामिल संदिग्धों की पहचान करने में मदद की। पुलिस का आरोप है कि इस हत्या की साजिश मुजाहिद आलम खान और उनके पिता महबूब आलम खान ने रची थी, जो मृतक अधिवक्ता के साथ लंबे समय से चल रहे कानूनी और वक्फ ट्रिब्यूनल विवादों में शामिल थे।

हैदराबाद पुलिस आयुक्त वी. सी. सज्जनार ने कहा, संदिग्धों का मानना था कि मोइनुद्दीन के कानूनी हस्तक्षेप के कारण उन्हें संपत्ति से संबंधित कई मामलों में नुकसान उठाना पड़ रहा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस हत्या की योजना 15 लाख रुपये की सुपारी देकर सहयोगियों और भाड़े के गुर्गों के एक नेटवर्क के जरिए बनाई गई थी। अधिवक्ता की गतिविधियों पर नजर रखने और हमले को अंजाम देने का अवसर तलाशने के लिए कई महीनों तक रेकी (निगरानी) की गई थी। जांच में सफलता तब मिली जब जांचकर्ताओं ने एक आरोपी किशन उर्फ पप्पू को हरियाणा के पानीपत में ट्रैक किया। कमिश्नर सज्जनार ने बताया, पूछताछ के दौरान, उसने साजिश के विवरण का खुलासा किया, जिसमें वाहन की खरीद, निगरानी गतिविधियां और अपराध को अंजाम देने में कई व्यक्तियों की संलिप्तता शामिल है।

इसके बाद, पुलिस टीमों ने शहर के विभिन्न स्थानों से कई संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जिनमें कथित साजिशकर्ता और रसद (लॉजिस्टिक्स) की व्यवस्था करने, गाड़ी चलाने और ऑपरेशन में सहायता करने वाले लोग शामिल हैं। जांच के दौरान नकदी, मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी बरामद कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि फरार संदिग्धों को पकड़ने और साजिश से जुड़े अतिरिक्त सबूत जुटाने के प्रयास जारी हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj