उज्जैन में जलती चिता से मांस के अवशेष खाने वाली किन्नर अघोरी काली गिरफ्तार
उज्जैन, 1 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता से शव के अवशेष निकालकर खाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किन्नर अघोरी काली उर्फ नन्दगीरी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी पर आरोप है कि उसने चिता पर जल रहे शव के साथ छेड़छाड़ करते हुए उसका अंश खाने का वीडियो बनाया और उसे अपने इंस्टाग्राम खाते पर प्रसारित किया। वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर व्यापक नाराजगी जताई गई थी।
मामले में 30 अगस्त को काल भैरव घाट निवासी विष्णुनाथ ने जीवाजीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया। फरियादी ने आरोप लगाया कि काली उर्फ नन्दगीरी ने जलते शव के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए वीडियो बनाया और उसे इंस्टाग्राम पर अपलोड कर प्रसारित किया। शिकायत में इस कृत्य से मानव शव के प्रति अवहेलना होने तथा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की बात कही गई।
शिकायत और वीडियो के आधार पर जीवाजीगंज थाना पुलिस ने काली उर्फ नन्दगीरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के तहत प्रकरण दर्ज किया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे थाने लेकर पहुंची, जहां उससे पूछताछ के साथ मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बताया गया है कि चिता से संबंधित वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर काली की काफी आलोचना हुई थी। संत समाज के कुछ लोगों ने भी इस घटना को लेकर नाराजगी जताई। इसके बाद आरोपी ने इंस्टाग्राम पर एक और वीडियो जारी किया, जिसमें कथित तौर पर उसकी आलोचना करने वालों को खत्म करने की धमकी दी गई।
थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा के अनुसार, शिकायतकर्ता विष्णुनाथ ने वीडियो के साथ पुलिस को शिकायत दी थी। वायरल वीडियो में चिता पर जल रहे शव के साथ छेड़छाड़ कर उसका अंश खाने का दृश्य दिखाई देने की बात सामने आई है। शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है। आरोपी स्वयं को ‘श्मशानवासी’ बताती थी। गिरफ्तारी के बाद भी उसके तेवर में कमी नहीं आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस अब वायरल वीडियो, आरोपी के सोशल मीडिया खातों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

