मेडी लाइफ अस्पताल में भी अवैध किडनी ट्रांसप्लांट, महिला की मौत से गहराया मामला
कानपुर, 04 अप्रैल (हि.स.)। कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। अब इस मामले में एक और अस्पताल का नाम जुड़ गया है, जहां ट्रांसप्लांट के दौरान महिला की मौत होने की बात सामने आई है।
गिरफ्तार ओटी टेक्नीशियनों की पूछताछ में इस पूरे नेटवर्क के कई अहम सुराग मिले हैं, जिससे साफ हो रहा है कि यह रैकेट कई स्तरों पर सक्रिय था। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ नेपाल तक से डोनर बुलाए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और फरार आरोपितों की तलाश तेज कर दी गई है।
रावतपुर क्षेत्र से उजागर हुए इस कांड में अब तक आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ के दौरान डॉक्टर रोहित, अली, अफजल और अंकित के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें कई जनपदों में दबिश दे रही हैं।
दो दिन पूर्व पकड़े गए ओटी टेक्नीशियनों ने पूछताछ में बताया कि अहूजा अस्पताल के बाद केशवपुरम स्थित मेडी लाइफ अस्पताल में भी किडनी ट्रांसप्लांट किए गए। उनके अनुसार, बीते वर्ष उनकी मौजूदगी में एक महिला का ट्रांसप्लांट किया गया था, जिसकी हालत बिगड़ने पर उसे दिल्ली रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी निवासी जय किशन का ट्रांसप्लांट भी इसी अस्पताल में हुआ था, जिसमें बिहार के शुभम ने किडनी दी थी। इसके अलावा नेपाल और जमशेदपुर से भी डोनर बुलाए जाने की जानकारी मिली है, जिनकी तलाश की जा रही है।
इस संबंध में पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने शनिवार को बताया कि अब तक आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई अन्य संदिग्धों की पहचान कर दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ अस्पताल भी जांच के दायरे में आए हैं और साक्ष्य जुटाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह है, जो विभिन्न राज्यों से लोगों को जोड़कर अवैध ट्रांसप्लांट करा रहा था। फिलहाल फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज हैं और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

