खोह नागोरियान अग्निकांड: अवैध पटाखा नेटवर्क के चेहरे बेनकाब
जयपुर, 13 जून (हि.स.)। खोह नागोरियान क्षेत्र में नौ जून को हुए भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के मामले में पुलिस जांच के दौरान लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। शनिवार को इस अवैध पटाखा कारोबार से जुड़े तीन मुख्य आरोपिताें फिरोज, वसीम और अकील की तस्वीरें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार ये तीनों अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और बारूद कारोबार के प्रमुख संचालक हैं। फिलहाल सभी आरोपित फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
खोह नागोरियान थानाधिकारी प्रकाश विश्नोई ने बताया कि मामले में अलग-अलग तथ्यों के आधार पर दो मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। मुख्य आरोपिताें याकूब और कय्यूम को फरार होने में मदद करने के आरोप में सलमान कुरैशी को 12 जून को गिरफ्तार किया गया था, जिससे पूछताछ जारी है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।
जांच में सामने आया है कि दिल्ली निवासी आलम खान अवैध फैक्ट्री में मैनेजर की भूमिका निभा रहा था। वह अपने सहयोगी आसिफ कुरैशी के साथ पूरे नेटवर्क का संचालन करता था। आरोप है कि दोनों नाबालिग बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को मामूली मजदूरी का लालच देकर बारूद के बीच काम करवाते थे। कई मजदूरों की उम्र 15 से 16 वर्ष बताई जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि खोह नागोरियान क्षेत्र की अवैध फैक्ट्रियों में 150 से अधिक लोग कार्यरत थे। फैक्ट्री परिसर के अलावा आसपास के कई मकानों में पटाखों की लेबलिंग और बॉक्स पैकिंग का काम कराया जाता था। स्थानीय परिवार भी आर्थिक लालच में इस अवैध कारोबार का हिस्सा बने हुए थे।
पुलिस के अनुसार फिरोज दिल्ली निवासी अवैध फैक्ट्री का मुख्य संचालक और साजिशकर्ता और वसीम आईटीआई के पीछे संचालित दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियों का संचालक है। जहां से भारी मात्रा में बारूद बरामद हुआ। साथ ही अकील दाऊद नगर क्षेत्र में संचालित अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालक है। तीनों आरोपिताें की तलाश जारी है।
पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जावेद नगर स्थित मकान संख्या 28 और 277 पर छापेमारी की। यहां अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्रियों से भारी मात्रा में बारूद, तैयार पटाखे और निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए गए।
इस मामले में फिरोज, कय्यूम, याकूब, फ्यूम, आदिल सहित अन्य आरोपिताें के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि हादसे वाला मकान फिरोज ने याकूब और कय्यूम से किराए पर लिया था तथा दोनों इस कारोबार में साझेदार थे।
अग्निकांड के बाद क्षेत्रवासियों में प्रशासन और पुलिस के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाके में लंबे समय से बारूद और पटाखों का अवैध कारोबार चल रहा था। समय रहते कार्रवाई होती तो आठ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने सभी आरोपिताें की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

