खरगोन में नामांतरण के एवज में 20 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार
खरगोन, 29 सितंबर (हि.स.)। कृषि भूमि के नामांतरण के एवज में दो लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगने के मामले में इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने मंगलवार को खरगोन जिले में कार्रवाई की। टीम ने एक पटवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मामले में सेगांव तहसीलदार और एक अन्य पटवारी को भी आरोपी बनाया गया है। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के अनुसार बड़ी कसरावद निवासी पुनीत नाड़ीवाल ने 25 सितंबर को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी पत्नी ममता नाड़ीवाल के नाम ग्राम सतावड़, तहसील सेगांव में कृषि भूमि दर्ज है। इस भूमि के नामांतरण के लिए उन्होंने तहसीलदार अंतरसिंह कनेश से संपर्क किया था।
शिकायत के मुताबिक तहसीलदार ने उन्हें संबंधित पटवारी से संपर्क करने के लिए कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पटवारी खुम सिंह धारवे से संपर्क किया। लोकायुक्त के अनुसार धारवे ने हलका क्रमांक 26 के पटवारी कुलदीप यादव के माध्यम से नामांतरण कराने के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने के बाद टीम ने रिश्वत लेते हुए आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
मंगलवार को शारदा अस्पताल के सामने पाटीदार मेडिकल के पास लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की। यहां पटवारी खुम सिंह धारवे को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त पुलिस ने इस मामले में पटवारी खुम सिंह धारवे, पटवारी कुलदीप यादव और सेगांव तहसीलदार अंतरसिंह कनेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में की गई। टीम में निरीक्षक आशुतोष मिठास सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। लोकायुक्त पुलिस ने कहा है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा

