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खंडवा: हाईवे किनारे सरपंच पति का शव मिला, गर्दन-सिर पर धारदार हथियार के निशान

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खंडवा: हाईवे किनारे सरपंच पति का शव मिला, गर्दन-सिर पर धारदार हथियार के निशान


खंडवा, 11 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पिपलोद थाना क्षेत्र के बोरखेड़ा गांव में शुक्रवार सुबह सरपंच ज्ञानीबाई के पति रूमसिंग का शव मिलने से सनसनी फैल गई। उनका शव गांव के पास खंडवा-अमरावती स्टेट हाईवे से लगे रास्ते पर मिला। गर्दन और सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान पाए गए हैं। परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस प्रथमदृष्टया हत्या मानकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह और चोटों की प्रकृति स्पष्ट होगी।

सूचना मिलते ही पिपलोद थाना प्रभारी विक्रम धार्वे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मामले में 40 से ज्यादा ग्रामीणों को पूछताछ के लिए थाने लाया है। उनसे रूमसिंग की गतिविधियों, आखिरी बार उन्हें देखने वालों और घटना के समय हाईवे व आसपास मौजूद लोगों के बारे में जानकारी ली जा रही है।

गुरुवार रात गांव से निकले, सुबह मिली हत्या की खबर

परिजनों के मुताबिक, रूमसिंग गुरुवार शाम गांव में हुई बैठक के बाद घर लौट रहे थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। उनके साले संतोष जमरे के अनुसार, रूमसिंग गुरुवार सुबह करीब 7.30 बजे बोरखेड़ा गए थे, जहां उनकी चक्की और फाउंडेशन का काम चल रहा था। रात करीब 9 बजे उनके गांव से निकलने की जानकारी है। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह रास्ते में शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे।

एक सप्ताह से सरपंच पक्ष और ग्रामीणों में विवाद

पुलिस की जांच में पंचायत से जुड़े विवाद भी अहम बिंदु बनकर सामने आए हैं। बताया गया है कि पिछले करीब एक सप्ताह से सरपंच पक्ष और कुछ ग्रामीणों के बीच विवाद चल रहा था। दोनों पक्ष अपनी शिकायतें लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में भी पहुंचे थे। सरपंच पक्ष की ओर से कुछ लोगों पर विवाद और धमकी देने के आरोप लगाए गए थे, जबकि दूसरे पक्ष ने पंचायत के कामकाज में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की शिकायतें की थीं। पुलिस इन विवादों को हत्या की संभावित वजहों में शामिल कर जांच कर रही है।

परिजन का आरोप- चुनाव से पहले धमकियां मिल रही थीं

मृतक के साले संतोष जमरे ने आरोप लगाया कि रूमसिंग का विरोधी गुट से विवाद चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि पीडीएस दुकान को लेकर भी कई शिकायतें की गई थीं। उनके मुताबिक, कुछ लोग चुनाव से पहले रूमसिंग को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दे रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। पुलिस धमकी से जुड़े दावों, बैठक में शामिल लोगों और घटना से पहले रूमसिंग की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।

दो साल पहले बेटे की भी हुई थी हत्या

परिजनों ने रूमसिंग के बेटे की करीब दो साल पहले हुई हत्या का मामला भी पुलिस के सामने रखा है। संतोष जमरे के मुताबिक, बेटे की लाश करीब 10 दिन बाद जंगल में मिली थी और उस समय मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ था। अब परिजनों ने उस पुराने मामले को भी रूमसिंग की हत्या की जांच से जोड़कर देखने की मांग की है। पुलिस पुराने मामले के रिकॉर्ड और दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित कड़ी की भी जांच कर सकती है।

जंगल अतिक्रमण विवाद की भी जांच

रूमसिंग का नाम बोरखेड़ा के जंगल क्षेत्र में अतिक्रमण से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। इसी मामले में उनकी पत्नी और सरपंच ज्ञानीबाई के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। बाद में हाईकोर्ट से उन्हें राहत मिलने की बात सामने आई है। परिजनों के अनुसार, अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर भी रूमसिंग की कुछ लोगों से अनबन थी। पुलिस पंचायत विवाद, पीडीएस दुकान से जुड़ी शिकायत, जंगल अतिक्रमण और अन्य पुराने विवादों को जांच के दायरे में रखकर हत्या की वजह तलाश रही है।

आरोपी की सूचना पर 10 हजार का इनाम

पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए सूचना देने वाले को 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। एडिशनल एसपी महेंद्र सिंह तारणेकर ने कहा कि घटना से जुड़ी कोई भी गोपनीय जानकारी पुलिस को दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फॉरेंसिक जांच और ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे