home page

डकैती के पैसे से खरीदी ज्वेलरी और प्लॉट, मास्टरमाइंड समेत 6 दबोचे, 4 नाबालिग शामिल

 | 
डकैती के पैसे से खरीदी ज्वेलरी और प्लॉट, मास्टरमाइंड समेत 6 दबोचे, 4 नाबालिग शामिल


नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। उत्तर-पश्चिम जिला पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 40 लाख रुपये की डकैती मामले में बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत छह आरोपितों को पकड़ने के साथ अपराध की कमाई से खरीदी गई ज्वेलरी और राजस्थान में खरीदे गए प्लॉट पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक 11.92 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं। मामले में चार नाबालिग भी शामिल पाए गए हैं।

उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बुधवार को बताया कि मामला केशवपुरम थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 436/2025 से जुड़ा है। 17 जुलाई 2025 को कन्हैया नगर मेट्रो स्टेशन के पास कारोबारी मनोज तवानिया से करीब 39.99 लाख रुपये की लूट हुई थी। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश देशी कट्टा और चाकू से लैस थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना स्तर पर कई टीमें बनाई गईं। तकनीकी निगरानी, लोकल इंटेलिजेंस और लगातार छापेमारी के जरिए जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पहले चार बाल नाबालिग को पकड़ा गया। बाद में दिल्ली के मुकुंदपुर पार्ट-2 निवासी आरिफ को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि उसने वारदात में इस्तेमाल देशी कट्टा उपलब्ध कराया था। पुलिस ने आरोपित और नाबालिग के कब्जे से कुल 11.92 लाख रुपये नकद बरामद किए।

जांच के दौरान तकनीकी सर्विलांस और राजस्थान, छत्तीसगढ़ तथा दिल्ली में कई जगहों पर छापेमारी के बाद मामले के मास्टरमाइंड धीरज रंधावा उर्फ धर्मप्रीत उर्फ दलाल (27) को राजस्थान के श्रीगंगानगर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि धीरज ने पहले एक नाबालिग को अपने साथ जोड़ा और बाद में अन्य नाबालिगों को पैसों का लालच देकर वारदात में शामिल किया।

पुलिस के मुताबिक डकैती के बाद रकम को आरोपितों के रोल के हिसाब से बांटा गया था। मुख्य आरोपित धीरज ने लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा अपने पास रखा और उसी पैसे से सोने के गहने खरीदे। इतना ही नहीं, उसने राजस्थान के श्रीगंगानगर में नकद भुगतान कर एक प्लॉट भी खरीद लिया। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर एक सोने का मंगलसूत्र, सोने का कंगन, सोने की बालियां, दो सोने की अंगूठियां, एक मोटोरोला मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया। जांच में पुष्टि हुई कि ज्वेलरी नकद भुगतान कर डकैती के पैसों से खरीदी गई थी।

पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने के लिए बीएनएसएस की धारा 107 के तहत अदालत में कार्रवाई शुरू की। अदालत के आदेश पर ज्वेलरी को अटैच किया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को वापस सौंप दिया गया। वहीं श्रीगंगानगर स्थित प्लॉट को अटैच करने की प्रक्रिया अभी जारी है। पुलिस के अनुसार आरोपित धीरज रंधावा पहले से हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, आर्म्स एक्ट और बैंक डकैती समेत आठ आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। इनमें राजस्थान के बीकानेर की एक बैंक डकैती का मामला भी शामिल है। जांच के दौरान बीएनएस और बीएनएसएस की धारा 95 भी लगाई गई है, जिसमें नाबालिगों को अपराध में शामिल करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने का मकसद संगठित अपराध की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है, ताकि अपराधियों को गैरकानूनी कमाई का लाभ न मिल सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी