कटनी के कुठला थाने में युवक ने खुद को लगाई आग, 90 फीसदी झुलसा; पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
कटनी, 02 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के कुठला थाना परिसर में शुक्रवार को एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने की घटना सामने आई। आग से दलपत पटेल बुरी तरह झुलस गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार वह करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुका है और अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना के बाद थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने तत्काल आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसे दलपत को अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दलपत पटेल का बेटा चोरी के एक मामले में पहले से जेल में बंद है। आरोप है कि इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस उसकी पत्नी को भी आरोपी बनाने की तैयारी कर रही थी। इसी बात को लेकर वह परेशान था और शुक्रवार को कुठला थाने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि थाना परिसर में पहुंचने के बाद दलपत ने अचानक अपने ऊपर पेट्रोल डाला और आग लगा ली। अचानक हुई इस घटना से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने आग बुझाने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया, हालांकि, आत्मदाह के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से पहले थाने में दलपत की किन लोगों से बातचीत हुई थी, इसका स्पष्ट पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि चोरी के मामले में परिवार पर कार्रवाई का दबाव बनाया जा रहा था। उनका कहना है कि इसी कथित दबाव के कारण दलपत ने इतना बड़ा कदम उठाया।
दूसरी ओर, घटना के कारणों और पुलिस कार्रवाई के संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दलपत ने थाना परिसर में खुद को आग लगाने जैसा कदम क्यों उठाया और घटना से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां बनी थीं।
घटना थाना परिसर के भीतर हुई, जिसके चलते वहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यह जांच का विषय है कि दलपत अपने साथ पेट्रोल लेकर थाने के अंदर कैसे पहुंचा और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगाने से पहले उसे किसी पुलिसकर्मी ने क्यों नहीं रोका। घटना के दौरान थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। मांग की जा रही है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि दलपत थाना परिसर तक किन परिस्थितियों में पहुंचा, उसके साथ वहां क्या बातचीत हुई और आत्मदाह के प्रयास से पहले उसके साथ किसी तरह का दबाव या विवाद हुआ था या नहीं।
निष्पक्ष जांच के लिए संबंधित थाना प्रभारी और मामले के जांच अधिकारी को जांच पूरी होने तक मौजूदा जिम्मेदारी से हटाने की मांग भी की जा रही है। मांग करने वालों का कहना है कि इससे जांच की निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों को दूर किया जा सकेगा।
फिलहाल दलपत पटेल की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है। घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश चतुर्वेदी

