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करैरा : ईओडब्ल्यू की कार्रवाई: 20 हजार की रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, जेई सुजीत मिश्रा मुख्य आरोपी

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करैरा : ईओडब्ल्यू की कार्रवाई: 20 हजार की रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, जेई सुजीत मिश्रा मुख्य आरोपी


करैरा : ईओडब्ल्यू की कार्रवाई: 20 हजार की रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, जेई सुजीत मिश्रा मुख्य आरोपी


करैरा, 16 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के खैराघाट डीसी कार्यालय में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) सुजीत सिंह मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है।

जानकारी के अनुसार ग्राम दोनी निवासी प्रदीप रावत ने ग्वालियर स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि खैराघाट में पदस्थ जूनियर इंजीनियर सुजीत सिंह मिश्रा ट्रांसफार्मर कनेक्शन कराने के नाम पर रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया गया कि इससे पहले जेई सुजीत मिश्रा प्रदीप रावत के पिता से 44 हजार रुपये ले चुके हैं, इसके बावजूद कनेक्शन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।

पीड़ित के अनुसार ट्रांसफार्मर कनेक्शन के लिए जेई ने 30 हजार रुपये की मांग की थी, जो बाद में 25 हजार रुपये में तय हुई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू टीम ने योजना बनाकर कार्रवाई की।

सोमवार को जब प्रदीप रावत रिश्वत की राशि देने के लिए खैराघाट डीसी विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने जेई सुजीत मिश्रा को फोन कर इसकी जानकारी दी। कुछ देर बाद जेई ने कंप्यूटर ऑपरेटर प्रवीण कुशवाहा को फोन कर प्रदीप रावत से 20 हजार रुपये लेने के लिए कहा। जैसे ही प्रवीण कुशवाहा ने पीड़ित से राशि ली, पहले से घात लगाकर बैठी ईओडब्ल्यू टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान जेई सुजीत सिंह मिश्रा मौके पर मौजूद नहीं थे। ईओडब्ल्यू के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि इस मामले में जेई सुजीत सिंह मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाया गया है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है।

इस कार्रवाई में निरीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाहा, निरीक्षक मदन मोहन मालवीय, उपनिरीक्षक हरकिशोर चतुर्वेदी, शैलेंद्र शर्मा, प्रधान आरक्षक चंद्रकला पाल और आरक्षक नरेश सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। इस कार्रवाई के बाद करैरा क्षेत्र के बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है और ईओडब्ल्यू टीम आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा