नूरपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, महिला नशा तस्कर की 1.01 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज
धर्मशाला, 27 अक्टूबर (हि.स.)। नशा तस्करी के विरुद्ध पुलिस जिला नूरपुर द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस थाना इंदौरा द्वारा की गई वित्तीय जांच के आधार पर 1,01,55,718 मूल्य की संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक एवं एनडीपीएस एक्ट नई दिल्ली द्वारा की गई है।
गौरतलब है कि पुलिस थाना इंदौरा में 30 मई 2017 को एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में दलवीरो के कब्जे से 6.50 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पुलिस की जांच के बाद मामले में न्यायालय द्वारा दिनांक एक अप्रैल 2025 को उन्हें दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।
मामले के संबंध में नूरपुर पुलिस द्वारा की गई वित्तीय जांच के दौरान संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन तथा उनके अर्जन के वैध स्रोतों की जांच-पड़ताल की गई। जांच के आधार पर पुलिस थाना इंदौरा द्वारा 28 सितंबर 2026 को फ्रीजिंग आदेश पारित कर इसकी पुष्टि हेतु सक्षम प्राधिकारी, नई दिल्ली को भेजा गया जहां से मंजूरी मिलने का बाद 1,01,55,718 मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में नशा तस्कर दलवीरो पत्नी स्व अजय कुमार की आवासीय संपत्ति, गांव छन्नी, तहसील इंदौरा में स्थित आवासीय संरचना, जिसका निर्धारित मूल्य 61,96,561, उसका बेटा मिथुन उर्फ छप्पर पुत्र स्व अजय कुमार की संपत्ति गांव छन्नी, तहसील इंदौरा में स्थित आवासीय संरचना तथा उससे संबंधित फर्नीचर, घरेलू उपकरण एवं अन्य घरेलू सामान, जिनका कुल निर्धारित मूल्य 32,60,950 तथा बेटी घारो देवी पुत्री स्व अजय कुमार का वाहन कार नम्बर एचपी38ई-0464, जिसका निर्धारित मूल्य 6,98,207 है को फ्रीज किया गया है।
उपरोक्त तीनों संपत्तियों का कुल निर्धारित मूल्य एक करोड़ एक लाख, पचपन हजार, सात सौ अठारह रुपये है।
नूरपुर पुलिस ने अब तक की 31.71 करोड़ की संपत्ति फ्रीज
पुलिस जिला नूरपुर द्वारा अब तक नशा तस्करों की 31,71,61,429 मूल्य की संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि के उपरांत फ्रीज किया जा चुका है। एएसपी नूरपुर ने बताया कि पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को केवल मादक पदार्थों की बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान, वित्तीय जांच तथा उन्हें कानून के अनुरूप फ्रीज करने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इस रणनीति का उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक लाभ पर रोक लगाना तथा तस्करी के पूरे आर्थिक नेटवर्क को को जड़ से खत्म करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

