कांगड़ा पुलिस ने 'ऑपरेशन नया सवेरा' के तहत तोड़ी नशा तस्करों की चेन, 167 ग्राम चिट्टा बरामद, मुख्य सरगना सहित 16 काबू
धर्मशाला, 03 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कांगड़ा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 'ऑपरेशन नया सवेरा' के तहत जिले में सक्रिय एक संगठित चिट्टा (हेरोइन) तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में मुख्य सरगना नशा तस्कर जालंधर निवासी अभिषेक सहोता को भी गिरफ्त में लिया गया है, जोकि पंजाब से ही हिमाचल प्रदेश सहित जिला कांगड़ा में चिट्टे की तस्करी कर रहा था। इसके लिए उसने जिला में अलग-अलग स्थानों पर कांउटर भी बनाए थे, जिनके माध्यम से चिट्टे की सप्लाई को अंजाम दिया जा रहा था। इसमें नशा तस्करों की ओर से गुगल मैप से वीडियो रिकॉर्ड कर मुख्य सप्लायर की ओर से ग्राहकों तक पहुंचाने की तकनीक अपनाई गई थी। इतना ही नहीं पैसों के लेन-देन के लिए अलग-अलग बैंक अंकाउट व लोकमित्र केंद्रों का भी प्रयोग किया गया था, ताकि उन्हें ट्रेस न किया जा सके। कार्रवाई के दौरान कुल 167.18 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया है, जबकि एक मालवाहक वाहन और 14 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का कथित सरगना अभिषेक सहोता पंजाब के जालंधर से पूरे रैकेट का संचालन कर रहा था। उसने कांगड़ा जिले में चिट्टा सप्लाई के लिए आठ अलग-अलग वितरण केंद्र (काउंटर) स्थापित किए थे, जहां से नशे की खेप उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाती थी।
ऐसे काम करता था तस्करी का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि नेटवर्क में शामिल कूरियर पंजाब से नशे की खेप लाकर विभिन्न काउंटरों तक पहुंचाते थे। काउंटर संचालक निर्धारित स्थानों पर चिट्टा रखकर उसका वीडियो और गूगल मैप लोकेशन तैयार करते थे। यह जानकारी मुख्य सप्लायर के माध्यम से खरीददारों तक पहुंचाई जाती थी। नेटवर्क को इस तरह संचालित किया गया था कि काउंटर संचालकों को भी अक्सर अंतिम खरीददारों की पहचान नहीं होती थी। भुगतान के लिए विभिन्न बैंक खातों, क्यूआर कोड स्कैनर और लोक मित्र केंद्रों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे पैसों के स्रोत और प्रवाह का पता लगाना कठिन हो जाता था।
तीन चरणों में हुई कार्रवाई
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान को तीन चरणों में अंजाम दिया गया। पहले चरण में पुलिस थाना पालमपुर में एफआईआर संख्या 57/26 दर्ज की गई। इस दौरान 16.06 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिसमें मुख्य तस्कर अभिषेक सहोता निवासी जालधंर जिस पर पहले ही छह एनडीपीएस केस दर्ज हैं। मोहित सहोता उर्फ हरमन निवासी जालधंर दो केस, सुमित उर्फ शिवा आदित्य निवासी नगरी पालमपुर, रितिक निवासी ब्रिंदावन पालमपुर व प्रिया निवासी ब्रिंदावन पालमपुर दो केस को गिरफ्तार किया गया। दूसरे चरण में एफआईआर संख्या 59/26 के तहत कार्रवाई करते हुए 16.36 ग्राम अतिरिक्त चिट्टा बरामद किया गया। एक मालवाहक वाहन जब्त किया गया, तथा एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जोकि कंबलजीत कौशिक निवासी ब्रिंदावन पालमपुर जोकि पहले से ही एनडीपीएस के तीन केस में 11 वर्ष की सजा व एक लाख जुर्माना भुगत रहा है, जोकि सुप्रीम कोर्ट से बेल पर चल रहा था।
तीसरे चरण में 30 मई से दो जून के बीच विभिन्न स्थानों पर समन्वित छापेमारी की गई। इस दौरान 10 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 135 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इसमें हर्षित निवासी बंदला पालमपुर, लखविंद्र सिंह उर्फ टिंकू निवासी कपूरथला, निशा जालधंर, अंकुर कुणाल सिंह निवासी गगल, सुधांशु निवासी मारंडा पालमपुर, पारिक निवासी पामलुपर, नगरोटा बगवां के शुभम कौंडल, अपूर्वा धीमान व शिवांशु सहित ईशान शर्मा
निवासी पालमपुर के नाम शामिल हैं।
डेढ़ करोड़ के संदिग्ध लेन-देन का हुआ खुलासा
जांच के दौरान पुलिस ने वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की। पिछले एक वर्ष में करीब 80 लाख रुपए के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है, जबकि एक जनवरी 2026 से अब तक लगभग 39 लाख रुपए के लेन-देन को ट्रेस किया गया है।
उधर एसपी कांगड़ा अशोक रत्न ने कहा कि जांच में एक सुव्यवस्थित अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के अस्तित्व की पुष्टि हुई है। 'ऑपरेशन नया सवेरा' के तहत की गई गिरफ्तारियों और बरामदगी से कांगड़ा जिले में सक्रिय चिट्टा सप्लाई चेन को बड़ा झटका लगा है। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान, अवैध संपत्तियों का पता लगाने तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

