धर्मशाला कारागार में जेल वार्डर और कैदियों के बीच झड़प में 15 घायल, दो वार्डर और एक कैदी गंभीर
धर्मशाला, 17 अगस्त (हि.स.)। लाला लाजपतराय जिला मुक्त एवं सुधार गृह कांगड़ा धर्मशाला में कैदियों और जेल वार्डरों के बीच हुई खूनी झड़प में कुल 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 11 जेल वार्डर और चार कैदी शामिल हैं। दो वार्डरों और एक कैदी को गंभीर चोटें आने पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में उनका उपचार करवाया गया। जिसमें वार्डर कांस्टेबल अजीत का उपचार चल रहा है। जबकि एक वार्डर व कैदी को उपचार के बाद वापिस भेज दिया गया है।
वहीं, तीन कैदियों का क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में उपचार करवाने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इस मामले जेल महानिरीक्षक आईजी जेल की ओर से विभागीय जांच बिठा दी गई है। वहीं, पुलिस ने भी जांच को आगे बढ़ाते हुए सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य पहुलओं को खंगाला है।
गौरतलब है कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे कुछ कैदियों को अस्पताल भेजने के लिए गार्द लगाने की मांग को लेकर जेल प्रबंधन से बातचीत चल रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहसबाजी हो गई थी, देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि विवाद के दौरान एक कैदी ने जेल की खिड़की का कांच तोड़ दिया। इसके बाद कांच के टुकड़ों से वार किए गए, जिससे कैदियों और वार्डरों को चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस, सदर थाना धर्मशाला और क्यूआरटी की टीम मौके पर पहुंची तथा स्थिति को नियंत्रित किया। घायल कैदियों का धर्मशाला अस्पताल में उपचार और चिकित्सकीय परीक्षण करवाया गया, जबकि गंभीर रूप से एक घायल जेल वार्डर का टांडा में उपचार चल रहा है।
वहीं, कैदियों में से एक कैदी को नालागढ़ में न्यायालय में पेशी के लिए ले जाया गया है। उक्त सजाफ्यता कैदियों पर गैंगस्टर होने सहित कई विभिन्न गंभीर अपराधों के तहत मामले चल रहे हैं और उनमें कई सजा काट रहे हैं।
एसपी कांगड़ा कुलभूषण वर्मा ने बताया कि चारों कैदियों के खिलाफ कैदी अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, कैदियों की शिकायत पर जेल वार्डरों के खिलाफ भी मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि चार कैदियों में से तीन नालागढ़ न्यायालय से जुड़े मामलों में विचाराधीन हैं। इन्हें कुछ समय पहले ही नालागढ़ जेल से धर्मशाला स्थानांतरित किया गया था।
उन्होंने बताया कि चिकित्सकीय उपचार के दौरान हुई बहसबाजी के बाद विवाद बढ़ा। कैदियों को अलग बैरक में रखने के संबंध में एसपी ने कहा कि यह जेल विभाग के अधिकार क्षेत्र का मामला है, और इस पर जेल अधीक्षक निर्णय लेंगे।
उधर, लाला लाजपतराय जिला मुक्त एवं सुधार गृह कांगड़ा धर्मशाला के डिप्टी सुपरिडेंट जेल संजीव कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन आईजी की ओर से विभागीय जांच के भी निर्देश मिले हैं, जेल प्रशासन की ओर से सभी पहलुओं व नियमों को ध्यान में रखते हुए जांच करवाई जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

