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अंबानी के नाम पर निवेश का झांसा देकर 1.93 करोड़ ठगने के मामले में बैंकों के खाते फ्रीज कराने की कवायद तेज

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अंबानी के नाम पर निवेश का झांसा देकर 1.93 करोड़ ठगने के मामले में बैंकों के खाते फ्रीज कराने की कवायद तेज


धर्मशाला, 18 अक्टूबर (हि.स.)। कांगड़ा जिला के पालमपुर के 81 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्नल से निवेश के नाम पर 1.93 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। ठगी की रकम जिन बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है, उनकी पड़ताल के साथ संबंधित बैंकों के खातों में राशि फ्रीज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

वहीं, साइबर अपराध पुलिस थाना धर्मशाला की टीम शातिरों का पता लगाने के लिए लेनदेन से जुड़े सभी डिजिटल और अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है। मामले में साइबर ठगों ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के नाम पर निवेश का फर्जी विज्ञापन दिखाकर बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाया था। शातिरों ने निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई। इतना ही नहीं, ऑनलाइन बैठक के दौरान उनके लैपटॉप को अपने नियंत्रण में लेकर फर्जी निवेश खाते में मुनाफा भी दिखाया गया, ताकि उन्हें निवेश पर भरोसा बना रहे।

ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर अपराध पुलिस थाना धर्मशाला में शिकायत दर्ज करवाई। अब पुलिस की जांच का मुख्य केंद्र ठगी की रकम का लेनदेन, उसे प्राप्त करने वाले बैंक खाते और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े लोग हैं। पुलिस संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाने के साथ डिजिटल गतिविधियों की भी जांच कर रही है। इसका उद्देश्य ठगी की रकम को आगे स्थानांतरित होने से रोकना और आरोपियों तक पहुंचने के लिए ठोस साक्ष्य जुटाना है।

इस मामले में कुलदीप कुमार का कहना है कि साइबर थाना की ओर से आगामी कार्रवाई की जा रही है। राशि को फ्रिज करने की प्रक्रिया बैंकों के साथ मिलकर शुरू की गई है, जिसमें खातों में गई राशि वाले अकाउंट फ्रीज किए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया