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महिला के जीएसटी पोर्टल का दुरूपयोग कर 40-50 करोड़ का गबन, केस दर्ज

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महिला के जीएसटी पोर्टल का दुरूपयोग कर 40-50 करोड़ का गबन, केस दर्ज


बालोतरा के कपड़ा व्यापारियों के खिलाफ मामले पर पुलिस की जांच आरंभ, कानूनी नोटिस भेज कर तंग परेशान किया जा रहा

जोधपुर, 20 मार्च (हि.स.)। शहर के कुड़ी भगतासनी सेक्टर 2 में रहने वाली एक महिला के साथ बालोतरा के कपड़ा व्यापारियों ने करोड़ों का फ्रॉड कर लिया। आरोप है कि महिला के पते और जीएसटी पोर्टल का फर्जी तरीके से दुरूपयोग कर 40-50 करोड़ का फ्रॉड किया गया। पीडि़ता ने अब कुड़ी भगतासनी थाने में कुछ लोगों को नामजद कर केस दर्ज कराया है। पुलिस अब केस में गहनता से जांच कर रही है। घटना को लेकर कुड़ी भगतासनी सेक्टर 2/978 की रहने वाली खुशबु जैन ने यह रिपोर्ट दी है। उसका आरोप है कि जाली हस्ताक्षर कर किरायानामा बनाने, जीएसटी पोर्टल का दुरुपयोग कर फर्जी इन्वॉइसिंग बनाया गया।

रिपोर्ट में बालोतरा के पिटी कॉलोनी निवासी अनिरुद्ध गर्ग को मुख्य आरोपित बताया है जोकि पिछले पांच माह से क्षेत्र से करीब 40 से 50 करोड रुपये की धोखाधड़ी कर फरार है। इसके अलावा बालोतरा के ऋतिक अग्रवाल, अमरचंद गर्ग और सरजू प्रसाद गर्ग को नामजद किया गया है। इनके द्वारा तीन फर्मों का संचालन किया जा रहा था। जोकि कपड़े के ट्रेडिंग और प्रोसेसिंग से संबंधित थी।

अनिरुद्ध गर्ग के द्वारा उक्त पते का प्रयोग कर बिना मेरी जानकारी और बिना मेरी अनुमति के मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर किरायानामा बनाकर एक जीएसटी का अलॉटमेंट करवाया गया जिसमें स्वयं के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दिए गए ताकि किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त न हो सके। इस जीएसटी नंबर का उपयोग कर अनिरुद्ध गर्ग द्वारा विभिन्न प्रकार की करोड़ों रुपये की फर्जी जीएसटी बिलिंग की गई। इस जीएसटी नंबर के सभी रिटर्न अनिरुद्ध गर्ग द्वारा ही भरे गए और जीएसटी पोर्टल का उपयोग हमेशा ही स्वयं के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर ही किया गया।

अनिरुद्ध गर्ग द्वारा फर्जी रूप से स्टांप पेपर खरीदा गया और उस पर जाली साइन कर किराया समझौता बनाया गया और जीएसटी में स्वयं का पता दर्ज करवाया। अनिरुद्ध गर्ग की मुलाकात मेरे पति जोकि लोन का काम करते हैं से उनकी एक फर्म युक्तिका टैक्स फैब में लोन करवाने के दौरान हुई थी। बाद में विश्वास में आकर मेरे पति ने अनिरुद्ध गर्ग की कई बार वितीय सहायता की और विभिन्न बैंकों से लोन दिलाने में मदद भी की थी। उसने कई बार विश्वास जीतने के बाद उसका फायदा उठाकर अनिरुद्ध गर्ग ने मेरी पीठ नाम से जारी फर्जी जीएसटी नंबर के अंदर करोड़ों रुपए की की इन्वॉडगिंग की और विभिन्न फर्मों के साथ में क्रयविक्रय के लेनदेन किया।

अनिरुद्ध गर्ग और रितिक अग्रवाल द्वारा खाते में नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का दुरुपयोग कर विभिन्न प्रकार के अपने व्यावसायिक व अन्य लेनदेन किए गए। गत साल जीएसटी कार्यालय से भी पीडि़ता को नोटिस भिजवाए गए। इस कारण से उसका जीएसटी पोर्टल भी रद्द कर दिया गया।

आरोपितों ने कई फर्मों के साथ कई करोड़ों रुपये का लेनदेन किया। जांच करने पर यह मालूम चला कि इसमें से अधिकतर फर्म अनिरुद्ध गर्ग के रिश्तेदारों की ही है।

अनिरुद्ध गर्ग ने सुकन डाई स्टफ और सुकन डाई कैम के मालिक महावीर चंद्र और अनिकेत कुमार निवासी बालोतरा के साथ मिलकर मेरे नाम से जारी फर्जी जीएसटी नंबर के अंदर में करोड़ों रुपए की बिलिंग की। इन दोनों फर्म द्वारा जारी सभी बिल जो मेरी नाम से बनाई गई फर्जी फर्म के नाम के नाम से जारी किए गए।

पीडि़ता का आरोप है कि मेरी नाम से बनाई गई फर्जी फर्म के नाम से के साथ रामकृष्ण का उल्लेख किया गया जोकि अनिरुद्ध गर्ग की फर्म रामकृष्ण मिल्स है जिसके मालिक अनिरुद्ध गर्ग के चाचा अमरचंद गर्ग है। जो मुख्य फर्म में भी निदेशक है। रिपोर्ट में पीडि़ता ने बताया कि उसका उक्त फर्म एवं उनके मालिकों से ना तो कोई जान पहचान है ना ही कभी इनसे कोई मुलाकात हुई। उसे अब उक्त फर्म के लोग कानूनी नोटिस भेज कर तंग और परेशान कर रहे है।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश