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रिटायर्ड महिला प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 1.85 करोड़ ठगे

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रिटायर्ड महिला प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट कर 1.85 करोड़ ठगे


जोधपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। शहर में रिटायर्ड महिला प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट करके 1 करोड़ 85 लाख रुपये ठग लिए। ठग ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। महिला से कहा कि आपके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके केनरा बैंक में अकाउंट खोला गया है। इसमें कई ट्रांजैक्शन हुए हैं, जिसका कमीशन उसके अकाउंट में क्रेडिट किया गया है। वेरीफाइड करने के लिए अकाउंट में जमा सारे पैसे सरेंडर करने होंगे। सोमवार को महिला बैंक गई और 22 लाख रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की। बैंक को शक हुआ और बैंक कर्मचारी उसे साइबर पुलिस के पास ले गए। इसके बाद पता चला कि महिला पिछले छह दिनों से डिजिटल अरेस्ट का शिकार थी। इतना ही नहीं, महिला के अकाउंट से 22 लाख रुपये ट्रांसफर होने से भी बच गए। अब साइबर थाने में महिला की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, कमला नेहरू नगर रहने वाली रिटायर्ड प्रिंसिपल सरस्वती माहेश्वरी (75) डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुईं। उनके पति एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में सुपरवाइजर थे। जिनकी मौत हो चुकी है। महिला घर पर अकेली रहती थीं। गत 16 फरवरी को उन्हें एक कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बताया। ठग ने दावा किया कि महिला के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके केनरा बैंक में एक अकाउंट खोला गया है, जिसमें कमीशन के पैसे जमा किए गए हैं। आपके अकाउंट में जमा सारे पैसे सरेंड करने होंगे। इसके बाद महिला ने एसबीआई बैंक से चेक के माध्यम से 1.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बैंक कर्मचारियों ने इतनी बड़ी रकम के ट्रांसफर पर कोई सावधानी नहीं बरती और न ही महिला से कोई पूछताछ की। बाद में, महिला ने 6-6 लाख के दो चेक दिए, जो खाते में पैसे न होने के कारण वापस आ गए। ठग ने महिला को पंजाब नेशनल बैंक के खाते में जमा पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। सोमवार को महिला पीएनबी पहुंची। महिला एफडी तुड़वाकर पैसे ट्रांसफर करने आई थी। स्टाफ को संदेह होने पर उन्होंने ट्रांजेक्शन रोक दिया और महिला से पूछताछ की। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश