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उत्तराखंड की मंत्री के पति पप्पू गिरधारी झांसी से गिरफ्तार, स्थानीय पुलिस बेखबर

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उत्तराखंड की मंत्री के पति पप्पू गिरधारी झांसी से गिरफ्तार, स्थानीय पुलिस बेखबर


मंत्री पत्नी रेखा आर्य की शिकायत पर देहरादून पुलिस ने की कार्रवाई, भतीजा बरेली से पकड़ा गयाझांसी के पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की जानकारी से किया इनकार

झांसी, 07 नवंबर (हि.स.)। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी को देहरादून पुलिस ने झांसी से गिरफ्तार कर लिया। वहीं, उनके भतीजे सत्येंद्र राठौड़ को बरेली से हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। खास बात यह है कि दूसरे प्रदेश की पुलिस ने झांसी में दबिश देकर गिरफ्तारी की कार्रवाई कर दी, लेकिन स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी होने से ही इनकार कर दिया।

देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोभाल के मुताबिक, पप्पू गिरधारी के खिलाफ 40 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी। देहरादून पुलिस की टीम ने झांसी में ग्वालियर रोड क्षेत्र से उन्हें गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस उन्हें अपने साथ देहरादून ले गई। गिरफ्तारी के बाद पप्पू गिरधारी की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी से पत्नी को बहुत खुशी हुई होगी। उधर, झांसी की एसपी सिटी प्रीति सिंह और एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार ने ऐसी किसी गिरफ्तारी की जानकारी होने से इनकार किया।

पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुई थी एफआईआर

मामले की शुरुआत 15 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जब उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि शादी के समय गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी और बच्चों की जानकारी छिपाई थी।

मंत्री ने अन्य महिलाओं से कथित संबंधों का विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया था। इसके अलावा जातिसूचक टिप्पणी, कंपनी के निदेशक पद से फर्जी हस्ताक्षर कर हटाने, धोखाधड़ी और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर आपराधिक साजिश, मारपीट, धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी और एससी-एसटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब झांसी से गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया