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झांसी स्मार्ट सिटी के जेई पर रिश्वत व डिजिटल अरेस्ट का केस, पहले जांच में मिल चुकी थी क्लीनचिट

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झांसी स्मार्ट सिटी के जेई पर रिश्वत व डिजिटल अरेस्ट का केस, पहले जांच में मिल चुकी थी क्लीनचिट


झांसी, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी नगर निगम स्मार्ट सिटी परियोजना में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) सुनील कुमार के खिलाफ रिश्वत लेने और कथित तौर पर डिजिटल अरेस्ट करने के आरोप में नवाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि जेई पक्ष का कहना है कि इसी प्रकार के आरोपों की पूर्व में जांच हो चुकी है और उन्हें क्लीनचिट मिल चुकी है।

आगरा निवासी कॉन्ट्रैक्टर आनंद कुमार उपाध्याय ने नवाबाद थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि झांसी स्मार्ट सिटी में कार्यों का भुगतान कराने के नाम पर जेई सुनील कुमार ने उनसे ऑनलाइन माध्यम से एक लाख रुपये रिश्वत ली। साथ ही आरोप लगाया कि पिछले करीब 18 माह से उन्हें और उनके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए डिजिटल अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा गया।

एसपी सिटी प्रीति सिंह ने मंगलवार काे बताया कि प्राथमिक जांच व शिकायत के आधार पर नवाबाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी है।

वहीं, जेई सुनील कुमार के पक्ष से कहा गया है कि शिकायतकर्ता आनंद कुमार उपाध्याय पिछले लगभग दो वर्षों से मंडलायुक्त, नगर आयुक्त समेत विभिन्न अधिकारियों को इसी संबंध में शिकायतें भेजते रहे हैं। इन शिकायतों की जांच स्मार्ट सिटी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल कुमार यादव ने की थी।

जांच रिपोर्ट के अनुसार शिकायतकर्ता अपने लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि आनंद कुमार उपाध्याय और जेई सुनील कुमार के बीच आगरा के सिकंदरा क्षेत्र का पुराना निजी विवाद है, जिसका झांसी स्मार्ट सिटी परियोजना से प्रत्यक्ष संबंध नहीं पाया गया। साथ ही, शिकायतकर्ता द्वारा जेई को दी गई कथित राशि का वास्तविक कारण भी स्पष्ट नहीं किया जा सका।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की सत्यता और आगे की कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया