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गाली-गलौज नहीं, शहर कोतवाल ने की थी अभद्रता : संयुक्त सचिव

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गाली-गलौज नहीं, शहर कोतवाल ने की थी अभद्रता : संयुक्त सचिव


अधिवक्ता संघ को गुमराह करने के आरोप पर जताई नाराजगी, बोले- शुरू से अपने बयान पर कायम हूं

मामला अधिवक्ता व पुलिस की झड़प का

झांसी, 02 नवंबर (हि.स.)। अधिवक्ता संघ और पुलिस के बीच शहर कोतवाल से जुड़े विवाद में अब अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव रोमेश अग्रवाल ने अपना पक्ष रखते हुए संघ के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्होंने न तो कभी गाली-गलौज किए जाने की बात कही और न ही इस संबंध में कोई लिखित शिकायत दी। उन्होंने केवल अपने साथ अभद्रता किए जाने की बात कही थी। इसके बावजूद अधिवक्ता संघ की ओर से उन्हें गुमराह करने वाला बताया जाना बेहद आहत करने वाला है।

सोमवार को मीडिया के सामने आए संयुक्त सचिव ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही एसएसपी, अधिवक्ता संघ और बार संघ को लिखित रूप में यही बताया था कि शहर कोतवाल ने उनके साथ अभद्रता की है। उन्होंने कहीं भी गाली-गलौज का उल्लेख नहीं किया। ऐसे में उन पर अधिवक्ता संघ को भ्रमित करने का आरोप लगाना गलत है। उन्होंने कहा कि इसी बात से उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है, इसलिए उन्हें मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।

उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन की उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई थी और न ही वह उसमें शामिल थे। प्रदर्शन वाले दिन वह कानपुर में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि उनकी न तो अधिवक्ता संघ से कोई व्यक्तिगत नाराजगी है, न बार संघ से और न ही पुलिस से कोई विवाद है। उनका विरोध केवल इस बात को लेकर है कि शहर कोतवाल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

संयुक्त सचिव ने एसपी सिटी का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने कोतवाली का 27 सेकंड का वीडियो वायरल कर घटना की स्थिति स्पष्ट की। वीडियो में शहर कोतवाल उन्हें बाहर जाने के लिए कहते सुनाई और दिखाई दे रहे हैं।

हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस ने इसके आगे का वीडियो सार्वजनिक नहीं किया। इसमें उनके जूनियर विनय कोटि द्वारा कोतवाल को उनका परिचय दिए जाने के बावजूद कोतवाल ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें चैंबर से बाहर निकाल दिया। उन्होंने दोहराया कि वह शुरू से अपने बयान पर कायम हैं और आगे भी अपने साथ हुई अभद्रता की बात उठाते रहेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया