झांसी : थाने के टॉयलेट में 62 वर्षीय पुजारी ने लगाया फंदा, इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप
-पुजारी को छेड़छाड़ के आरोप में पुलिस ने लिया था हिरासत में
झांसी, 10 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी में गुरसराय थाना क्षेत्र में 9 वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिए गए 62 वर्षीय पुजारी ने सोमवार सुबह थाना परिसर के टॉयलेट में फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें फंदे से लटका देखा तो तत्काल नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान करीब 10:15 बजे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने थाने में हंगामा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर गुरसराय थाना क्षेत्र के सिंगार गांव का है। मृतक राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी गांव के राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी थे। उनके परिवार की तीन पीढ़ियां मंदिर में पूजा करती आ रही हैं। उनके तीन बेटे और एक बेटी है। दोनों बेटों और बेटी की शादी हो चुकी है। बड़े बेटे विनय के मुताबिक, मंदिर की करीब आठ बीघा जमीन है और कुछ लोग उनके परिवार को मंदिर से हटाना चाहते हैं।
बच्ची को डांटने के बाद लगा छेड़छाड़ का आरोप
विनय ने बताया कि रविवार सुबह करीब 8:30 बजे उनके पिता मंदिर परिसर के पास लगे सबमर्सिबल पंप को बंद करने गए थे। इसी दौरान एक नौ वर्षीय बच्ची पेड़ से कनेर के फूल तोड़ रही थी। पिता ने बच्ची को केवल डांट दिया था। आरोप है कि इसके बाद बच्ची के परिजनों ने राजेंद्र प्रसाद पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए डायल-112 पर सूचना दी।
पुलिस दोपहर करीब 12:30 बजे राजेंद्र प्रसाद को पूछताछ के लिए थाने ले गई। परिजनों का कहना है कि शाम करीब सात बजे उन्हें पिता से मिलने दिया गया। रात करीब 10:30 बजे उन्होंने थाने में खाना खाया और परिजनों से खुद को निर्दोष बताया।
विनय के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे वह चाय लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने बताया कि उनके पिता को पथरी, गैस और सांस लेने में परेशानी के कारण सुबह करीब छह बजे अस्पताल भेजा गया है। कुछ देर बाद उन्हें बताया गया कि राजेंद्र प्रसाद ने थाना परिसर के टॉयलेट में लुंगी से फंदा लगा लिया था। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उन्हें इलाज चलने की जानकारी दी गई। कुछ देर बाद पुलिस शव लेकर जाने लगी, तब परिवार को उनकी मौत की जानकारी हुई। इससे परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने पुलिस पर जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
बेटे विनय का आरोप है कि उनके पिता पर झूठा मुकदमा लगाकर मानसिक दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि पिता इस उम्र में छेड़छाड़ का आरोप सहन नहीं कर पाए। परिवार ने आत्महत्या को लेकर भी सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि पुलिस राजेंद्र प्रसाद को सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे अस्पताल लेकर आई थी। उनके गले पर फंदे के निशान थे। इलाज के दौरान करीब 10:15 बजे उनकी मौत हो गई।
लापरवाहों पर होगी कार्रवाई
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि पॉक्सो और छेड़छाड़ के आरोपी ने थाना परिसर के टॉयलेट में लुंगी से फंदा लगाया था। मामले की जांच एसपी ग्रामीण डॉ. अरविन्द कुमार सिंह को सौंपी गई है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों और ग्रामीणों की मांग पर आरोप लगाने वालों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग उठाई गई है। राष्ट्रभक्त संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष अंचल अरजरिया के अनुसार, अधिकारियों ने दोनों मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है और आत्महत्या के लिए उकसाने के संबंध में दो लाेगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

