बिहारी गैंग का मास्टर माइंड 25 हजार का इनामी गिरफ्तार
5.60 लाख रुपये से अधिक का माल बरामद, एसी कोचों में यात्रियों को बनाता था निशाना, 07 राज्यों में है तंत्र
झांसी, 13 जून (हि.स.)। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) झांसी, अनुभागीय क्यूआरटी टीम और आरपीएफ क्राइम विंग की संयुक्त कार्रवाई में शनिवार काे ट्रेनों के एसी कोचों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कुख्यात बिहारी गैंग के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपित पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 5 लाख 60 हजार रुपये मूल्य का चोरी का सामान बरामद किया है। आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी., पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलांची तथा पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में ट्रेनों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में रेलवे स्टेशन झांसी पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि एक वांछित अपराधी प्लेटफॉर्म संख्या 1/7 के पास मौजूद है। सूचना पर सीओ जीआरपी सलीम खान के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपित को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान बिहार के बेगूसराय जनपद निवासी गौरव पाठक उर्फ मुकेश उर्फ लला के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार वह बिहारी गैंग का सरगना और मास्टर माइंड है। उसकी गैंग के तीन सदस्य प्रशांत कुमार, रवि पासवान और करम कुमार पहले ही गिरफ्तार होकर जेल जा चुके हैं।
ऐसे देता था वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ 2एसी और 3एसी कोचों में टिकट आरक्षित कराकर यात्रा करता था। कई बार सामान्य टिकट लेकर टीटीई से सीट सुनिश्चित करा लेते थे। रात में जब यात्री गहरी नींद में सो जाते थे, तब उनके ट्रॉली बैग, हैंडबैग, मोबाइल फोन, नगदी और आभूषण चोरी कर लेते थे। चोरी के बाद गैंग के सदस्य अलग-अलग स्थानों पर जाकर सामान और नकदी का बंटवारा कर लेते थे।
सात राज्यों में फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ सहित सात राज्यों से गुजरने वाली ट्रेनों में सक्रिय थी। आरोपी गौरव पाठक वर्ष 2011 से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों के जीआरपी थानों में चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में कुल 35 मुकदमे दर्ज हैं।
बरामद हुआ कीमती सामान
पुलिस ने आरोपी के पास से एक आईफोन, महिला हैंडबैग, 5,140 रुपये नकद, सोने की बालियां, चांदी की पायल, बिछिया तथा अन्य सामान बरामद किया है। बरामद माल की कुल कीमत 5.60 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
सफलता पाने वाली टीम
कार्रवाई में जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक रावेन्द्र कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक शिवस्वरूप सिंह, स्वाट टीम प्रभारी संदीप सेंगर, मुख्य आरक्षी सत्यपाल सिंह, अरविन्द कुमार, मोहम्मद इमरान, आरपीएफ क्राइम विंग प्रभारी ओम प्रकाश, एएसआई नवीन कुमार, मुख्य आरक्षी तौसीफ खान सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

