झांसी में दलित महिला में खाते से 12 लाख रुपए की ठगी, भूमि मुआवजे में मिली थी रकम
-बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के फर्जी अधिकारी व लेखपाल बनाकर वारदात को दिया अंजाम
-ग्राम प्रधान समेत तीन पर एफआईआर,पुलिस जांच में जुटी
झांसी, 06 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद झांसी में थाना रक्सा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के नाम पर एक दलित विधवा महिला से कथित रूप से 12 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने बरुआपुरा ग्राम प्रधान सहित तीन आरोपिताें के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी सदर, झांसी को सौंपी गई है।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता कलावती ने आरोप लगाया कि उनकी पैतृक कृषि भूमि (गाटा संख्या 806/1) के अधिग्रहण के बदले लगभग 27.81 लाख रुपए का मुआवजा स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि बरुआपुरा ग्राम प्रधान जगभान यादव ने अपने सहयोगियों गयादीन यादव और हेमंत कुमार अहिरवार के साथ मिलकर उन्हें धोखे में रखा। शिकायत के मुताबिक गयादीन यादव को बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा ) का अधिकारी और हेमंत कुमार अहिरवार को बीडा का लेखपाल बताकर महिला से परिचय कराया गया, जबकि दोनों कथित रूप से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे।
महिला का आरोप है कि सरकारी प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिलाकर उनसे हस्ताक्षरित चार चेक ले लिए गए। बाद में इन्हीं चेकों के माध्यम से उनके बैंक खाते से कथित रूप से 12 लाख रुपए की राशि निकाल ली गई। जब उन्होंने बैंक से खाते का विवरण प्राप्त किया, तब इस कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध करने पर आरोपिताें ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर उनका अपमान किया तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
इस संबंध में सीओ सदर प्रिया सिंह का कहना है कि विवेचना के दौरान सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

