झांसी: मेडिकल कॉलेज के पूर्व ईएमओ पर 25 हजार का इनाम
झांसी, 17 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मेडिकल कॉलेज के पूर्व इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) डॉ. वीरेंद्र सिंगारिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नौकरी लगवाने और नर्सिंग होम बनवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों में फरार चल रहे डॉ. सिंगारिया के खिलाफ झांसी और जालौन में कई मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचते आ रहे आरोपित पर अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के आदेश पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपित की गिरफ्तारी के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं।
गुरसरांय थाना क्षेत्र के ग्राम पुरैनिया निवासी किसान नेता सुरेंद्र सिंह के पुत्र गौरव सिंह ने नवाबाद थाना में तहरीर देकर बताया कि डॉ. वीरेंद्र सिंगारिया से उनके लंबे समय से पारिवारिक संबंध थे। इसी विश्वास का लाभ उठाकर डॉ. सिंगारिया ने नर्सिंग होम निर्माण के लिए आर्थिक सहायता मांगी। डॉ. सिंगारिया की पत्नी पूजा शर्मा, पिता द्वारिका नाथ सिंगारिया, बहनें बबीता और प्रियंका तथा ससुर राजनारायण शर्मा ने भी रुपये देने के लिए भरोसा दिलाया कि निर्माण शुरू होने से पहले पूरी रकम लौटा दी जाएगी।
गौरव सिंह के मुताबिक, 13 जून 2022 को उन्होंने अपने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खाते से छह लाख रुपये और उनके बड़े भाई सौरभ सिंह ने दो लाख रुपये का चेक डॉ. सिंगारिया को उनके शिवाजी नगर स्थित आवास पर सौंपा। आरोप है कि परिवार के सभी सदस्यों की मौजूदगी में कुल आठ लाख रुपये लिए गए, लेकिन बाद में रकम वापस नहीं की गई। जब पैसे की मांग की गई तो आरोपी पक्ष ने टालमटोल करने के साथ जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।
शिकायत के आधार पर नवाबाद पुलिस ने डॉ. वीरेंद्र सिंगारिया, उनकी पत्नी पूजा शर्मा, पिता द्वारिका नाथ सिंगारिया, बहनें बबीता व प्रियंका तथा ससुर राजनारायण शर्मा के खिलाफ अमानत में खयानत, आपराधिक धमकी और षड्यंत्र सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
किसान नेता सुरेंद्र सिंह ने पुलिस महानिरीक्षक को भी शिकायत भेजकर बताया कि डॉ. सिंगारिया और उनके सहयोगियों के खिलाफ गुरसरांय, नवाबाद और उरई सहित विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, अमानत में खयानत और धमकी देने के कई मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी मोबाइल और व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करता रहा है तथा उसके झांसी और ललितपुर में होने की जानकारी पुलिस को दी गई है।
पुलिस अभिलेखों के अनुसार, डॉ. वीरेंद्र सिंगारिया के खिलाफ झांसी और जालौन में छह से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। लगातार फरार रहने के कारण पुलिस ने उन पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया

