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झांसी में साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़, 23 आरोपित गिरफ्तार

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झांसी में साइबर ठगी के नेटवर्क का भंडाफोड़, 23 आरोपित गिरफ्तार


-120 मोबाइल, 35 डेबिट कार्ड और 9.20 लाख रुपये समेत भारी मात्रा में सामान बरामद

झांसी, 08 अगस्त (हि.स.)। जिले की साइबर थाना पुलिस के नेतृत्व में विभिन्न थानों की संयुक्त टीम ने शनिवार काे मिनी जामताड़ा बने कटेरा थाना क्षेत्र के ग्राम खौरियाना, मौरियाना और काडौर में दबिश देकर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े 23 आरोपिताें को गिरफ्तार किया है। 17 आरोपित अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपिताें के कब्जे से 120 मोबाइल फोन, 35 डेबिट कार्ड, 20 आधार कार्ड, चार वोटर आईडी, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, 29 बैंक पासबुक, 13 बैंक कार्ड, 284 ग्राम पीली धातु, 1,408 ग्राम सफेद धातु और 9 लाख 20 हजार 510 रुपये नकद बरामद किए हैं।

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने शनिवार की रात काे घटना का खुलासा करते हुए बताया कि विभिन्न साइबर पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण से इस नेटवर्क की जानकारी सामने आई। आरोपित खुद को पुलिस अधिकारी या पुलिसकर्मी बताकर लोगों को किसी मुकदमे अथवा आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी देते थे। इसके बाद भयभीत कर उनसे धनराशि की मांग की जाती थी। पूछताछ में पता चला कि आरोपित पहले छोटी-छोटी ठगी करते थे और बाद में गांव के अन्य युवाओं को जोड़कर संगठित रूप से साइबर अपराध करने लगे। उन्होंने कहा कि सभी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई करते हुए अर्जित संपत्ति को जब्त किया जाएगा।

गिरफ्तार आरोपिताें में राजू पुत्र दीपचन्द्र यादव, नीतीश यादव पुत्र विशाल सिंह, धीरेंद्र यादव पुत्र अर्जुन सिंह, बृजेन्द्र यादव पुत्र महेश यादव, प्रदीप यादव पुत्र रामकिशन यादव, लाल सिंह उर्फ लक्ष्मण पुत्र महेश प्रसाद, शिवम उर्फ सत्यम यादव पुत्र राम नरेश, कृष्ण प्रताप सिंह पुत्र भान सिंह, रक्षपाल यादव पुत्र गजराज सिंह, रोहित सिंह यादव पुत्र मुन्नालाल यादव, उमाशंकर यादव पुत्र रामपाल, पहलवान सिंह पुत्र जहार सिंह, दीपक यादव पुत्र रतिराम, कुलदीप यादव पुत्र मुन्नालाल, सौरभ सिंह पुत्र नारायणदास, रणविजय यादव पुत्र रामचरण मर्यादा, संजय सिंह यादव पुत्र महेश प्रसाद, सतीश यादव पुत्र राजेन्द्र यादव, ऋतिक यादव पुत्र बृजेश यादव, अभिषेक पुत्र ठाकुरदास यादव, अजय यादव पुत्र रामचरण नवासी, बृजेश यादव पुत्र दयाराम और अर्जुन यादव पुत्र भूरेलाल शामिल हैं। सभी आरोपी कटेरा थाना क्षेत्र के काडौर, खौरियाना और मौरियाना गांवों के निवासी हैं।

इस मामले में साइबर थाना झांसी में मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपिताें के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद डिजिटल उपकरणों और अन्य साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर रही है। साथ ही ठगी की रकम, पीड़ितों की संख्या, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई सुबह साढ़े चार बजे से शाम 5 बजे तक चली।

कार्रवाई आईपीएस अरीबा नोमान के नेतृत्व में सात सीओ,10 थाना प्रभारी समेत 200 पुलिस कर्मियों की उपस्थिति में घेराव कर की गई। इसमें साइबर थाना, नवाबाद, कोतवाली, सीपरी बाजार, बड़ागांव, प्रेमनगर, बबीना, बरुआसागर, महिला थाना और रक्सा पुलिस की टीमें शामिल रहीं। इस पूरे ऑपरेशन को करने में पुलिस ने करीब एक महीने तक मेहनत की।

लक्ष्मण ने शुरू किया था 7 साल पहले ये काम

एसपी ने बताया कि उस गांव के लक्ष्मण नाम के युवक ने सबसे पहले 6-7 साल पहले लकी ड्रा के नाम पर यह साइबर फ्रॉड का काम शुरू किया था। देखते ही देखते वह समृद्ध हो गया और उसको देखकर बेरोजगार युवाओं ने उसको अनुकरण करना शुरू कर दिया। अब तक एनसीआरबी से पूरे भारत से करीब 80 शिकायतें इन गांवों के नंबरों की दर्ज की गई है।

स्ट्रीट डॉग करते थे रखवाली

एसपी ने बताया कि साइबर फ्रॉड करने वाले अपराधी अपने घरों के सामने स्ट्रीट डॉग को बांधकर रखते थे। जब भी कोई रेड डालने वाली टीम वहां पहुंचती तो कुत्ते भाैक भाैक कर अपराधियों को सावधान कर देते थे और वह आसपास के जंगलों में भाग जाते थे।

एसएसपी की अपील

एसएसपी ने आमजन से अपील की है कि कोई व्यक्ति पुलिस, सीबीआई, न्यायालय अथवा किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर फोन पर मुकदमे या गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे मांगे तो भुगतान न करें। तत्काल पुलिस को सूचना दें। साथ ही ओटीपी, पिन, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया