सर्राफा दुकान से टप्पेबाजी करने वाला ‘ईरानी गैंग’ का सदस्य गिरफ्तार, 9 लाख के जेवर बरामद
बांदा, 08 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा मे बढ़ती चोरी, लूट और टप्पेबाजी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना कालिंजर पुलिस व एसओजी की संयुक्त टीम ने अन्तरराज्यीय कुख्यात ईरानी गैंग के एक सदस्य को बुधवार को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लगभग 9 लाख रुपये के चोरी किए गए आभूषण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 5 जनवरी 2026 को कालिंजर कस्बे के निवासी ब्रजनन्दन ने थाना कालिंजर में सूचना दी थी कि उनकी सर्राफा दुकान पर कुछ अज्ञात लोग ग्राहक बनकर आए। उन्होंने सोने के गहने दिखाने के बहाने दुकानदार को बातों में उलझाया और काउंटर पर रखे डिब्बे से जेवर चोरी कर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देशन में कई टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान की गई। साथ ही यक्ष ऐप के जरिए उनकी पुष्टि भी की गई।
इसी क्रम में पुलिस ने संदिग्ध खानू हुसैन पुत्र फरजन्द अली, निवासी शहडोल (मध्य प्रदेश) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों जुबेर अहमद, तकवीर खान और सरताज अली उर्फ तरू के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों में ज्वैलरी दुकानों को निशाना बनाता है।
आरोपित ने बताया कि 4 जनवरी 2026 को कालिंजर में की गई टप्पेबाजी के दौरान चोरी किए गए जेवरात को पीछा किए जाने पर एक मंदिर के पीछे जमीन में छिपा दिया गया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने पर्यटक ढाबा के आगे स्थित दुर्गा माता मंदिर के पीछे से भारी मात्रा में पीली धातु के आभूषण बरामद कर लिए।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक सदस्य जुबेर अहमद पहले ही भोपाल पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपित तकवीर खान और सरताज उर्फ तरू अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
क्षेत्राधिकारी नरैनी कृष्णकांत त्रिपाठी ने बताया कि यह गिरोह संगठित तरीके से विभिन्न जनपदों और राज्यों में वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ विधिक कार्रवाई कर आगे की जांच जारी है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

