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उदयपुर में एक करोड़ की ज्वैलरी चोरी का पर्दाफाश, चंबल के बीहड़ों से 60 लाख का माल बरामद

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उदयपुर में एक करोड़ की ज्वैलरी चोरी का पर्दाफाश, चंबल के बीहड़ों से 60 लाख का माल बरामद


उदयपुर, 09 सितम्बर (हि.स.)। पंचवटी स्थित नवीन ज्वैलर्स शोरूम में हुई करीब एक करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी का उदयपुर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में अंतरराज्यीय नकबजन गैंग के मुख्य सरगना समेत तीन शातिर आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की निशानदेही पर चंबल के बीहड़ों में खेतों में गहरे गड्ढे खोदकर छिपाया गया करीब 60 लाख रुपये कीमत का सोने-चांदी और हीरे की ज्वैलरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार वारदात को अंजाम देने के दौरान आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। वे यात्रा के दौरान नकद भुगतान करते और लगातार ट्रेन व बसें बदलकर पुलिस की नजर से बचने का प्रयास करते थे।

पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 29 जुलाई की रात पंचवटी स्थित नवीन ज्वैलर्स शोरूम में चोरी की वारदात हुई थी। चोरों ने शोरूम का साइड शटर उखाड़ दिया और कांच का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद शोरूम में रखे हीरे, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो गए। घटना के संबंध में शोरूम संचालक नवीन स्वरूपरिया की रिपोर्ट पर हाथीपोल थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।

सैकड़ों कैमरों की फुटेज खंगाली

-मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। टीम ने सबसे पहले उदयपुर शहर में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। फुटेज के विश्लेषण के दौरान पांच संदिग्ध व्यक्ति वारदात से पहले ज्वैलर्स शोरूम की रेकी करते हुए नजर आए। पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और रूट को ट्रैक किया तो उनके उदयपुर रेलवे स्टेशन से चित्तौड़गढ़, कोटा और धौलपुर की ओर जाने के संकेत मिले।

इसके बाद पुलिस टीम ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कोटा, बारां, ग्वालियर और धौलपुर से लेकर आगरा तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि वारदात के पीछे उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के पिनाहट और शमशाबाद थाना क्षेत्रों के चंबल बीहड़ों में सक्रिय अंतरराज्यीय नकबजन गैंग का हाथ है।

बीहड़ों में छिपाया था चोरी का माल

-गैंग की पहचान होने के बाद पुलिस ने चंबल के बीहड़ों में मुखबिरी और आसूचना तंत्र को मजबूत किया। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपितों के संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया। दुर्गम बीहड़ क्षेत्र, बारिश के मौसम में लंबी घास और दलदली रास्तों के बावजूद पुलिस ने आरोपितों तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपितों की निशानदेही पर खेतों में गहरे गड्ढे खोदकर छिपाया गया करीब 60 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपितों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी के माल को बीहड़ क्षेत्र में जमीन के नीचे छिपा रखा था।

मुख्य सरगना सहित तीन गिरफ्तार

-पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में आनंद उर्फ कुकड़िया वर्मा निवासी पुरा नत्था झोरिया, थाना पिनाहट, जिला आगरा शामिल है। आनंद को गैंग का मुख्य सरगना बताया गया है। उसके खिलाफ पूर्व में चोरी और नकबजनी के दो मामले दर्ज हैं।

दूसरा आरोपित धनपाल उर्फ धान्धु वर्मा निवासी पुरा नत्था झोरिया, थाना पिनाहट, जिला आगरा है। उसके खिलाफ भी पूर्व में तीन आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। तीसरा आरोपित गुड्डू पिता राजाराम राठौड़ निवासी नगला मुक्ता, थाना शमशाबाद, जिला आगरा है।

दो महीने पहले की थी शोरूम की रेकी

-पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग ने वारदात को अचानक अंजाम नहीं दिया, बल्कि इसके लिए करीब दो महीने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। गैंग के दो सदस्य मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा और आनंद वर्मा मजदूरी करने के बहाने उदयपुर आए थे। इस दौरान दोनों ने पंचवटी स्थित नवीन ज्वैलर्स की रेकी की और शोरूम की गतिविधियों तथा आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाई।

रेकी पूरी होने के बाद गैंग के अन्य सदस्य योजनाबद्ध तरीके से उदयपुर पहुंचे। पुलिस के अनुसार आरोपित गुमानिया नाले के रास्ते पैदल शोरूम तक पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया। चोरी के बाद आरोपित शहर से बाहर निकल गए और चंबल के बीहड़ों में जाकर छिप गए।

मोबाइल से बनाई दूरी, कैश में किया सफर

-पुलिस के अनुसार गैंग के सदस्य पुलिस से बचने के लिए तकनीकी रूप से काफी सतर्क रहते थे। वारदात के दौरान वे अपने पास मोबाइल फोन नहीं रखते थे। यात्रा के दौरान भी डिजिटल भुगतान से बचते थे और नकद किराया देकर ट्रेन तथा बसों से सफर करते थे। इतना ही नहीं, वे लगातार साधन और रूट बदलते रहते थे, ताकि उनके पीछे किसी तरह का डिजिटल या भौतिक साक्ष्य न छूटे।

पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रही जांच

-वारदात के बाद आरोपितों का मोबाइल इस्तेमाल नहीं करना और लगातार यात्रा के साधन बदलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संभावित रूट का विश्लेषण करते हुए जांच को आगे बढ़ाया। उदयपुर से लेकर आगरा तक करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस टीम गैंग के ठिकाने तक पहुंचने में सफल रही।

अन्य आरोपितों और शेष माल की तलाश जारी

-पुलिस ने मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर करीब 60 लाख रुपये का माल बरामद कर लिया है। हालांकि चोरी के पूरे माल की बरामदगी अभी बाकी है। पुलिस गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। इनमें मनोज उर्फ डॉक्टर वर्मा भी शामिल है। गिरफ्तार आरोपितों से सघन पूछताछ की जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गैंग की अन्य वारदातों और चोरी के शेष माल के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और पूर्व की वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता