जौनपुर पुलिस ने फर्जी एमएलएम गिरोह का किया भंडाफोड़, नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले 7 गिरफ्तार
जौनपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की जौनपुर पुलिस ने फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) और पिरामिड स्कीम के जरिए बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में राहुल राजभर पुत्र शिव शंकर राजभर निवासी वाराणसी संतोष कुमार पटेल पुत्र अच्छेलाल पटेल निवासी बांदा हवलदार पुत्र स्वर्गीय खुशी लाल पाल निवासी सुल्तानपुर प्रदीप पाल पुत्र सुकरन पाल निवासी सुल्तानपुर चंदन दोहरे पुत्र बादशाह दोहरी निवासी कन्नौज रितेश राजभर पुत्र मोखन प्रसाद निवासी जौनपुर अरविंद राजभर पुत्र राम आशीष निवासी वाराणसी शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक लग्जरी थार, एक बुलेट और एक पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के चंगुल में फंसे करीब 30 युवक-युवतियों को भी मुक्त कराया गया।
मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता ने बताया कि थाना लाइन बाजार पुलिस ने सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि आरोपी एमएस अर्थ इंटरप्राइजेज नामक फर्जी कंपनी तथा रॉयल हेल्थ इंडिया की फ्रेंचाइजी के नाम पर संगठित साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
आरोपित बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवाओं को फोन कर वाराणसी में टाटा कंपनी या कृषि क्षेत्र में 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन वाली नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। युवाओं को वाराणसी बुलाकर कॉरपोरेट कार्यालय जैसा माहौल तैयार कर इंटरव्यू लिया जाता था और फिर जॉइनिंग व रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 30 से 35 हजार रुपये वसूले जाते थे। बदले में उन्हें एक सामान्य किट, जिसमें कपड़े, तेल और साबुन जैसी सामग्री होती थी, थमा दी जाती थी।
क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के अनुसार ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं का मनोवैज्ञानिक तरीके से ब्रेनवॉश कर उन्हें लग्जरी जीवनशैली का सपना दिखाया जाता था। इसके बाद उनसे अपने रिश्तेदारों और मित्रों को इस नेटवर्क से जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। प्रत्येक सदस्य को कम से कम तीन नए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। लक्ष्य पूरा न करने पर वेतन रोकने और जमा धनराशि वापस न करने की धमकी दी जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के कथित संचालक राहुल राजभर के यूनियन बैंक खाते से करीब 34 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। पुलिस बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। मामले में अन्य आरोपितों की तलाश और नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान के लिए कार्रवाई जारी है।गिरफ्तार आरोपितों में राहुल राजभर पुत्र शिव शंकर राजभर निवासी वाराणसी संतोष कुमार पटेल पुत्र अच्छेलाल पटेल निवासी बांदा हवलदार पुत्र स्वर्गीय खुशी लाल पाल निवासी सुल्तानपुर प्रदीप पाल पुत्र सुकरन पाल निवासी सुल्तानपुर चंदन दोहरे पुत्र बादशाह दोहरी निवासी कन्नौज रितेश राजभर पुत्र मोखन प्रसाद निवासी जौनपुर अरविंद राजभर पुत्र राम आशीष निवासी वाराणसी शामिल हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव

