पुलिस और एटीएस अधिकारी बनकर सेवानिवृत्त दंपती को सात दिन डिजिटल अरेस्ट रखा
जयपुर, 13 सितंबर (हि.स.)। मानसरोवर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने पुलिस और एटीएस अधिकारी बनकर 70 वर्षीय सेवानिवृत्त दंपती को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपियों ने जेल भेजने, संपत्ति सीज करने और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर दंपती से 6 लाख 3 हजार 300 रुपये ठग लिए। रकम ट्रांसफर कराने के बाद भी आरोपी लगातार वीडियो कॉल कर अतिरिक्त रकम जमा कराने का दबाव बनाते रहे। पीड़ित की शिकायत पर मानसरोवर थाना पुलिस ने शनिवार शाम जीरो नंबर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
थानाधिकारी सतीश चंद ने बताया कि दो सितंबर को दोपहर करीब 1.30 बजे सुनीता शर्मा नाम की महिला ने दंपती को फोन किया। उसने खुद को पुलिस निरीक्षक बताते हुए कहा कि उनके मोबाइल नंबर के खिलाफ एटीएस में शिकायत है और वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। महिला ने दंपती को कमिश्नरेट स्थित लालकोठी आने के लिए कहा। दंपती ने तबीयत खराब होने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ लिया।
इसके बाद एक अन्य आरोपी ने खुद को एटीएस का वरिष्ठ अधिकारी प्रेम कुमार गौतम बताया। उसने दंपती को घर से उठवाने, संपत्ति सीज करने और बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। आरोपियों ने मोबाइल को सर्विलांस पर लेने की बात कहते हुए वॉट्सऐप पर दंपती के नाम से कथित गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति सीज करने के दस्तावेज भी दिखाए।
ठगों ने दंपती को ‘प्रायोरिटी इन्वेस्टिगेशन’ में रखने की बात कही। चार सितंबर को उनकी वीडियो कॉल के जरिए एक कथित वरिष्ठ अधिकारी से बातचीत कराई गई। इस दौरान करीब दो से तीन घंटे तक दंपती से बैंक खातों और संपत्ति से संबंधित जानकारी पूछी गई।
छह सितंबर को आरोपियों ने फिर वीडियो कॉल की। उन्होंने दंपती से कहा कि उनके बैंक खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर हुई है और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़े एक आरोपी ने उनका नाम लिया है। इसके बाद कथित ‘ट्रांजेक्शन चार्ज’ भारतीय रिजर्व बैंक में जमा कराने के नाम पर दंपती से 6,03,300 रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा कराने को कहा गया। डर के कारण बुजुर्ग ने सात सितंबर को रकम ट्रांसफर कर दी।
रकम मिलने के बाद भी आरोपियों का दबाव खत्म नहीं हुआ। आठ सितंबर से वे लगातार वीडियो कॉल कर अतिरिक्त रुपये जमा कराने की मांग करते रहे। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दी। इसके बाद मानसरोवर थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर दर्ज की।
पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वीडियो कॉल से जुड़े तकनीकी सुरागों की जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

