आईपीटीवी और ओटीटी सेवा के नाम पर 22 लाख की ठगी का आरोप, कैटविजन लिमिटेड के खिलाफ केस दर्ज
बिलासपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। आईपीटीवी और ओटीटी सेवा उपलब्ध कराने के नाम पर एक निजी कंपनी से 22 लाख रुपये लिए जाने और इसके बाद भी सेवा शुरू नहीं करने का मामला सामने आया है। शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने केबल नेटवर्क कंपनी कैटविजन लिमिटेड के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि भुगतान किए करीब चार साल बीतने के बाद भी कंपनी ने वादा की गई सेवा उपलब्ध नहीं कराई।
सिविल लाइन थाना प्रभारी किशोर केंवट के अनुसार, मामले की शिकायत सीसीएन एंटरटेनमेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत डायरेक्टर अभिषेक अग्रवाल ने की है। कंपनी का कार्यालय वेयरहाउस रोड, बिलासपुर में है और वह बिलासपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में केबल नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न चैनलों का प्रसारण करती है।
शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने आईपीटीवी और ओटीटी सेवा शुरू करने के लिए कैटविजन लिमिटेड से संपर्क किया था। इसके बाद कैटविजन के प्रतिनिधि अंकुर, दिलीप और राजेश सहित अन्य अधिकारियों ने कंपनी के कार्यालय में मुलाकात की और आईपीटीवी-ओटीटी सेवा उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
पहले 10 लाख रुपये का किया भुगतान
शिकायतकर्ता के अनुसार 24 सितंबर 2021 के परचेज ऑर्डर के आधार पर 26 अक्टूबर 2021 को एनपीसीआई बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। रकम मिलने के बाद कंपनी की ओर से कुछ उपकरण लगाए गए, लेकिन आईपीटीवी और ओटीटी सेवा शुरू नहीं की गई।
करीब चार महीने बाद कंपनी की ओर से अतिरिक्त तकनीकी उपकरणों की जरूरत बताते हुए 10 लाख रुपये और मांगे गए। शिकायतकर्ता ने 16 मार्च 2022 को चेक के माध्यम से यह राशि भी कंपनी को दे दी।
दो लाख रुपये और लिए, फिर भी शुरू नहीं हुई सेवा
दूसरे भुगतान के बाद भी सेवा शुरू नहीं की गई। इसके बाद कंपनी की ओर से दो लाख रुपये और मांगे गए। शिकायत के अनुसार 15 अक्टूबर 2022 को चेक के माध्यम से यह रकम भी भुगतान कर दी गई।
इस तरह शिकायतकर्ता का दावा है कि आईपीटीवी और ओटीटी सेवा के लिए कंपनी को कुल 22 लाख रुपये का भुगतान किया गया, लेकिन करीब चार साल बीतने के बाद भी सेवा शुरू नहीं की गई।
फोन और ईमेल के बावजूद नहीं मिला संतोषजनक जवाब
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि, सेवा शुरू कराने के लिए कंपनी के अधिकारियों और प्रतिनिधियों से लगातार फोन और ईमेल के जरिए संपर्क किया गया। आरोप है कि हर बार संतोषजनक जवाब देने के बजाय मामले को टालने की कोशिश की गई।
इसके बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने कैटविजन लिमिटेड के अधिकारियों और प्रतिनिधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले में दस्तावेजों, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और दोनों पक्षों से संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

