रायपुर में मोबाइल लूट-चोरी के अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार
– ओडिशा और राजस्थान तक फैला था नेटवर्क, करीब 100 वारदातों का खुलासा , 14 मोबाइल और 2 लैपटॉप बरामद
रायपुर, 17 सितंबर (हि. स.)। मोबाइल लूट और चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कबीर नगर पुलिस ने आज गुरुवार को एक अंतर्राज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।
पुलिस के मुताबिक गिरोह की कड़ियां रायपुर से ओडिशा और राजस्थान तक जुड़ी थीं। मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे और निशानदेही से 14 मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए हैं।
पूछताछ में अब तक करीब 100 मोबाइल चोरी एवं लूट की घटनाओं का खुलासा होने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस उपायुक्त वेस्ट जोन रॉबिन्सन गुड़िया के निर्देशन और अपर पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई। मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थलों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसी दौरान एक संदिग्ध की पहचान शहजाद अली उर्फ भिंडी के रूप में हुई। पुलिस ने उसे रावाभाटा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसके पूर्व में भी मोबाइल लूट के मामले में जेल जाने की जानकारी सामने आई।
जेल में बनी पहचान, फिर खड़ा हुआ नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, शहजाद अली की निशानदेही पर उसके कथित साथियों कृष दीप और गौरव मझखंड को कैलाशपुरी और भाटागांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कथित तौर पर पता चला कि रायपुर में लूटे और चोरी किए गए मोबाइल को सीधे स्थानीय बाजार में बेचने के बजाय ओडिशा भेजा जाता था।
पुलिस के मुताबिक ये मोबाइल बस और अन्य माध्यमों से ओडिशा के राजखरीयार क्षेत्र स्थित तुकला गांव निवासी भोदेव मेहर तक पहुंचाए जाते थे। आरोप है कि भोदेव मोबाइल की पहचान बदलकर उन्हें सेकंड हैंड फोन के तौर पर बेचता था।
ओडिशा में सॉफ्टवेयर से खोले जाते थे लॉक
पुलिस के अनुसार भोदेव मेहर मोबाइल दुकान की आड़ में GSM Rex.com के Unlock Tool का इस्तेमाल कर चोरी और लूटे गए मोबाइल के लॉक खोलता था। जिन मोबाइलों का लॉक सॉफ्टवेयर से नहीं खुल पाता था, उनमें कथित तौर पर स्क्रैप से प्राप्त स्पेयर मदरबोर्ड लगाया जाता था। पुलिस के मुताबिक इस प्रक्रिया से खासकर कुछ आईफोन और सैमसंग मॉडल की मूल पहचान बदल दी जाती थी।
कोटा तक पहुंचती थी मोबाइल की कड़ी
पुलिस ने बताया कि, जिन मोबाइलों को भोदेव मेहर अनलॉक नहीं कर पाता था, उन्हें राजस्थान के कोटा निवासी आकाश परेटा के पास भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार आकाश ऐसे मोबाइलों के लॉक खोलकर उन्हें आगे बाजार में बेच देता था। इस तरह चोरी या लूटे गए मोबाइल रायपुर से ओडिशा और फिर राजस्थान तक पहुंचाए जाते थे।
लूट से लेकर बिक्री तक की कड़ी खंगाली
कबीर नगर थाना पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण तथा फील्ड जांच के जरिए मोबाइलों की कथित पूरी सप्लाई चेन को ट्रेस किया। पुलिस के अनुसार जांच में लूट, चोरी, मोबाइलों की ढुलाई, लॉक खोलने, मदरबोर्ड बदलने और बिक्री तक की कड़ियों का पता चला। इसी कार्रवाई के आधार पर तीन राज्यों से पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
पुलिस का कहना है कि,आरोपितों से पूछताछ जारी है और अन्य वारदातों तथा नेटवर्क से जुड़े लोगों के संबंध में जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपितों में शहजाद अली उर्फ भिंडी, रावाभाटा, रायपुर, गौरव मझखंड बीएसयूपी कॉलोनी, भाटागांव, कृष दीप वीर भद्रा नगर, रायपुर, भोदेव मेहर, उम्र 20 वर्ष, ग्राम तुकला, राजखरीयार, ओडिशा, आकाश परेटा, अनंतपुरा, कोटा, राजस्थान
कार्रवाई में थाना कबीर नगर और साइबर की संयुक्त टीम की भूमिका रही। पुलिस के अनुसार थाना प्रभारी गगन बाजपेयी, निरीक्षक चेतन चंद्राकर, उनि. लोकेश्वर सदावर्ति, सउनि. राजेंद्र पांडे समेत टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

