रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश, चार और आरोपित गिरफ्तार
रायपुर, 02 जुलाई (हि. स.)। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतर्राज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बैकवर्ड लिंक की जांच में चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने भारी मात्रा में गांजा, प्रतिबंधित दवाइयां, इंजेक्शन, सिरिंज और नकदी बरामद की है। मामले में अब तक पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है तथा कुल लगभग 16.15 लाख रुपये का मादक पदार्थ और अन्य सामग्री जब्त की जा चुकी है।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
पहले गिरफ्तार तस्कर से खुला नेटवर्क
पुलिस ने 30 जून 2026 को थाना गंज क्षेत्र स्थित राजपूताना होटल के सामने से अभिषेक कुमार (19) निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश) को 10.710 किलोग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से गांजा और मोबाइल फोन सहित करीब 5.45 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई थी। आरोपित के खिलाफ थाना गंज में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पूछताछ में अभिषेक ने खुलासा किया कि, वह गांजा ओडिशा से लाकर मेरठ ले जा रहा था। इसी पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बैकवर्ड लिंक की जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
चार और आरोपित दबोचे
जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर किशोर साहू निवासी खरियार रोड ओडिशा, अजय विश्वकर्मा निवासी नयापारा महासमुंद, शुभम साहू उर्फ बऊ निवासी नयापारा महासमुंद और प्रिंस प्रजापति निवासी अलीपुर उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया।
आरोपितों के पास से तलाशी के दौरान 3 किलोग्राम गांजा, 2,000 नाइट्रोटेन टैबलेट, 30 कोडिन सिरप, 290 पेंटाजोसिन इंजेक्शन, 300 सिरिंज तथा 3,100 रुपये नकद बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 10.70 लाख रुपये बताई गई है।
जमानत पर छूटकर फिर शुरू किया अवैध कारोबार-
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित किशोर साहू का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ महासमुंद जिले के खल्लारी थाने में एनडीपीएस एक्ट का मामला दर्ज था, जिसमें न्यायालय ने उसे 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। वर्तमान में वह उच्च न्यायालय से जमानत पर बाहर था और इसी दौरान दोबारा मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय पाया गया।
अन्य राज्यों तक फैला है नेटवर्क-
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि, यह गिरोह अंतर्राज्यीय स्तर पर नशीले पदार्थों की तस्करी में सक्रिय है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्रतिबंधित दवाइयों और गांजे की आपूर्ति किन राज्यों से की जा रही थी और इन्हें किन क्षेत्रों में पहुंचाया जाना था। मामले में एनडीपीएस एक्ट की अन्य धाराएं भी जोड़ी जा रही हैं तथा पूरे नेटवर्क, सप्लायर और रिसीवर की पहचान कर एंड-टू-एंड कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर

