home page

कानपुर में साइबर ठगी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 13 शातिर गिरफ्तार, 16 की तलाश जारी

 | 
कानपुर में साइबर ठगी के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 13 शातिर गिरफ्तार, 16 की तलाश जारी


कानपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गुरुवार को अंतरराज्यीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 13 अपराधियाें को गिरफ्तार कर करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है। गिरोह अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल, खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाने और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देकर लोगों से रुपये ऐंठता था। पुलिस ने इस मामले में 16 अन्य आरोपितों को वांछित घोषित किया है।

पुलिस उपायुक्त अपराध श्रवण कुमार सिंह ने गुरुवार काे बताया कि साइबर क्राइम थाना पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद थाना सचेण्डी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में एक साथ दबिश देकर 13 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपित मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे। वीडियो कॉल और अश्लील सामग्री के जरिए ब्लैकमेल करने के साथ ही पुलिस अधिकारी बनकर कार्रवाई का भय दिखाया जाता था। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर भी लोगों से बैंक खातों और यूपीआई के जरिए रकम मंगवाई जाती थी।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 29 मोबाइल फोन, जिनमें 11 कीपैड और 18 एंड्रॉयड फोन शामिल हैं, तीन चारपहिया वाहन तथा साइबर अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच में 48 आईएमईआई और 68 मोबाइल नंबर सक्रिय मिले हैं। व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज 189 साइबर शिकायतों में से 60 शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। जांच में दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के लोगों के साथ ठगी होने की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार अब तक करीब दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी का अनुमान है।

गिरफ्तार आरोपितों में थाना सचेण्डी निवासी राजवीर सिंह, शनि सिंह, विशाल सिंह द्विवेदी, मुकेश सिंह, विकाश कुमार, छोटू सिंह उर्फ जगजीवन सिंह, दीपक सिंह, सुमित सिंह, आर्यन सिंह और खुशबू सिंह, बलवीर सिंह, अर्जुन सिंह और सुब्रत सिंह शामिल है।

शुरुआती जांच में यह भी ज्ञात हुआ है कि इतनी गिरफ्तारी के बावजूद 16 शातिर अशोक कुमार, शिव सिंह, ताहर सिंह, नितिन, ब्रह्मा सिंह, रायवेंद्र सिंह, अमित सिंह और निखिल सिंह, हरदेव, दीपक, गोलू सिंह, शिवकरन, जयपाल, महेंद्र, मोहित और सोनू सिंह भी फरार हैं।

डीसीपी ने आगे ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों, बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन की जांच भी जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप