अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह का एक और आरोपित गिरफ्तार
जयपुर, 06 अगस्त (हि.स.)। राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सीकर से एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही संगठित गिरोह से जुड़े अब तक कुल 9 आरोपिताें को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से प्राप्त सूचना, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपित मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी को सीकर से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2023 में मोहम्मद सद्दाम अंसारी का संपर्क कथित एजेंट मुबारिक खान निवासी रोलसाबसर से हुआ था। एजेंट ने उसे कंबोडिया के एक शॉपिंग मॉल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 40 हजार रुपए लिए और इलेक्ट्रॉनिक वीजा व हवाई टिकट उपलब्ध करवाए।
31 अक्टूबर 2023 को सद्दाम अपने तीन साथियों अनिल, पंकज और राशिद के साथ जयपुर से कंबोडिया गया। वहां पोईपेट स्थित एक कंपनी में काम किया। आंखों की समस्या के कारण वह लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम नहीं कर सका, जिसके बाद उसे कार्यालय की देखरेख और कर्मचारियों तक भोजन, कंबल आदि पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई। बाद में वह एचआर संबंधी काम करने लगा। पुलिस के अनुसार सद्दाम को कंपनी से प्रतिमाह करीब 800 अमेरिकी डॉलर वेतन मिलता था।
जांच में यह भी सामने आया कि कंबोडिया स्थित कंपनी में कर्मचारियों को उनके वास्तविक नामों की जगह अलग-अलग उपनामों से बुलाया जाता था। कंपनी में करीब 200 लोग कार्यरत थे, जिनमें बड़ी संख्या राजस्थान के ब्यावर क्षेत्र के लोगों की थी। इसके अलावा सीकर और केरल के लोग भी वहां काम कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार सद्दाम ने जनवरी और फरवरी 2024 में कुछ अन्य लोगों को भी नौकरी के नाम पर कंबोडिया बुलाया। इसके बदले उसे कंपनी से प्रति व्यक्ति 300 अमेरिकी डॉलर कमीशन मिलता था। संबंधित लोगों से विदेश भेजने के नाम पर 30-30 हजार रुपये भी लिए गए।
सद्दाम तीन अलग-अलग अवधि में कंबोडिया गया और करीब दो साल तक वहां रहा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह से जुड़े कुछ आरोपी भारत लौटने के बाद भी कंबोडिया के नंबरों से व्हाट्सएप के जरिए चीनी हैंडलर ‘Atai’ के संपर्क में थे। आरोप है कि वे भारत में रहकर नए लोगों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने की तैयारी कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि मामले में बरामद डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी, मानव तस्करी और क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी से जुड़े इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान, गिरफ्तारी और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है। राज्य की अन्य जांच एजेंसियां भी आरोपिताें से पूछताछ कर रही हैं।
यह कार्रवाई एसपी साइबर क्राइम सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन और डीएसपी व थानाधिकारी गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में की गई।
कार्रवाई में साइबर क्राइम थाना के सहायक उप निरीक्षक बृजलाल सैनी, कांस्टेबल धर्मेंद्र, रोहिताश कुमार और सीआईडी-सीबी के कांस्टेबल अविनाश सहित सीकर से एएसआई ताराचंद, दीनदयाल, कांस्टेबल भागीरथ, अशोक कुमार, बजरंग सिंह और महिपाल सिंह शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

