पिस्टल की नोक पर 47.90 लाख रुपये की फिरौती वसूलने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश
जयपुर, 26 मई (हि.स.)। भांकरोटा थाना पुलिस ने बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर पिस्टल की नोक पर 47.90 लाख रुपये की फिरौती वसूलने वाले अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार इनामी आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 44.50 लाख रुपये नकद, एक अवैध देशी पिस्टल, वारदात में प्रयुक्त लग्जरी कार और फिरौती की रकम से खरीदा गया घरेलू सामान बरामद किया है। चारों आरोपितों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि भांकरोटा थाना पुलिस ने बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर पिस्टल की नोक पर 47.90 लाख रुपये की फिरौती वसूलने वाले अंतरराज्यीय गैंग के शातिर बदमाश निखिल तिवाडी उर्फ मोहित तिवाडी उर्फ गुरूप्रित सिंह उर्फ अखिल अग्रवाल (40 ) निवासी बिहार हाल उत्तर प्रदेश ,उस्मान गनी (62 )निवासी उदयपुर , वसीम अख्तर उर्फ गोलू (34) निवासी बिहार और अखिल कुमार महरिवाला( 32) निवासी चूरू हाल बिहार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से 44 लाख 50 हजार रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त एक अवैध देशी पिस्टल, केआईए सोनेट कार और करीब 80 हजार रुपये का घरेलू सामान बरामद किया है। पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह राजस्थान समेत अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के नेटवर्क और अन्य मामलों की जांच कर रही है।
थानाधिकारी शेर सिंह ने बताया कि 12 मई 2026 को वैशाली नगर निवासी विजय लक्ष्मी ने भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि आरोपितों ऑनलाइन वेब पोर्टल पर प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर संपर्क करते थे और खुद को दुबई का बड़ा गोल्ड व्यापारी बताते थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि 2 मई को मुख्य आरोपी निखिल तिवाड़ी उर्फ अखिल अग्रवाल ने बुजुर्ग दंपत्ति को बालाजी एनक्लेव, चौरड़िया सिटी स्थित एक विला में प्रॉपर्टी दिखाने के बहाने बुलाया। वहां पहले से मौजूद बदमाशों ने दंपती को बंधक बना लिया और पिस्टल दिखाकर 60 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने दंपत्ति को दो दिन तक बंधक बनाए रखा तथा परिजनों को धमकाकर 47.90 लाख रुपये मंगवा लिए। रकम मिलने के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
इस हाई प्रोफाइल वारदात के बाद पुलिस कमिश्नरेट ने अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पश्चिम राजेश गुप्ता और सहायक पुलिस आयुक्त बगरू हेमेंद्र शर्मा के सुपरविजन में चार विशेष टीमें गठित कीं। तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश

