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फिल्मों और वेब सीरीज से सीखा फिरौती मांगने का तरीका, व्यापारी को धमकाने वाला छात्र गिरफ्तार

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फिल्मों और वेब सीरीज से सीखा फिरौती मांगने का तरीका, व्यापारी को धमकाने वाला छात्र गिरफ्तार


मंदसौर, 23 मई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के मंदसौर में एक व्यापारी से 15 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित ने बॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज से प्रभावित होकर पूरी साजिश रची थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी तकनीकी तरीके अपनाकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मोबाइल ट्रैकिंग और सतर्क पुलिस कार्रवाई के चलते वह गिरफ्त में आ गया।

पुलिस के अनुसार, 19 मई को व्यापारी तैय्यब अली निवासी नई अभिनंदन ग्रीन वैली, मंदसौर ने जनसुनवाई के दौरान शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें मोबाइल कॉल के जरिए पहले 5 लाख और बाद में 15 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। रकम नहीं देने पर गोली मारने की धमकी भी दी गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली थाना पुलिस ने तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने फरियादी को समझाइश दी कि यदि आरोपित दोबारा कॉल करे तो बातचीत जारी रखें, ताकि तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा सकें। इसी रणनीति के तहत आरोपित ने दोबारा कॉल कर धमकी दी और 15 लाख रुपये की मांग दोहराई।

तकनीकी जांच और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपित रेहान पुत्र कल्लू खां (20) निवासी खिलचीपुरा, मंदसौर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बाइक, स्मार्टफोन, कीपैड मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।

शनिवार को कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि आरोपित बीए सेकंड ईयर का छात्र है और कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) की तैयारी भी कर रहा है। पूछताछ में उसने बताया कि उसने “शूटआउट एट लोखंडवाला” सहित कई बॉलीवुड-हॉलीवुड फिल्मों और वेब सीरीज देखकर फिरौती मांगने का तरीका सीखा था। वह सोशल मीडिया पर अपराध और धमकी से जुड़ी रील्स भी देखता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपित करीब तीन-चार साल पहले व्यापारी के निर्माणाधीन मकान में एसी फिटिंग के काम से गया था। तभी उसने व्यापारी को निशाना बनाने की योजना बना ली थी। उसने सात महीने पहले अलग से एक कीपैड मोबाइल खरीदा, जिसका इस्तेमाल केवल अपराध के लिए करना चाहता था।

आरोपी ने उज्जैन-इंदौर ट्रेन यात्रा के दौरान एक यात्री के मोबाइल से सिर्फ सिम कार्ड चोरी किया था, ताकि शिकायत की संभावना कम रहे। साथ ही उसने एक मजदूर को नौकरी दिलाने का लालच देकर उसके नाम से दूसरा सिम कार्ड भी खरीद लिया था।

हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया