अवैध हथियार के साथ दो युवक गिरफ्तार, पिस्टल, कारतूस और मोबाइल बरामद
सुपौल, 17 जुलाई (हि.स.)। जिले में अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सुपौल पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सदर थाना परिसर में शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) राजीव रंजन ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में दो युवकों को एक देसी पिस्टल, मैगजीन, दो जिंदा कारतूस एवं दो मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया गया है।
दोनों आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस आगे की जांच में जुट गई है। डीएसपी ने बताया कि 16 जुलाई 2026 की शाम करीब 8:50 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि खरैल कर्णपुर चौक, वार्ड संख्या-10 के पास दो युवक अवैध हथियार के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और छापेमारी कर दोनों संदिग्धों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील कुमार (30 वर्ष), पिता रामेश्वर चौधरी, निवासी कर्णपुर वार्ड संख्या-04 तथा आस्तिक कुमार (21 वर्ष), पिता मनोज कुमार सहनी, निवासी खरैल कर्णपुर वार्ड संख्या-10, थाना एवं जिला सुपौल के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से एक पिस्टल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए। बरामदगी के आधार पर सुपौल थाना कांड संख्या 464/2026 दर्ज करते हुए आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी)ए एवं 26 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
प्रेस वार्ता में डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध हौजखास थाना (नई दिल्ली) कांड संख्या-499/2023 दर्ज है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह पूर्व से भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। पुलिस उसके आपराधिक नेटवर्क तथा अन्य मामलों में संलिप्तता की भी जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध हथियार कहां से लाया गया था और इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं इनके तार किसी संगठित आपराधिक गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।
डीएसपी ने कहा कि जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

