अवैध किडनी ट्रांसप्लांट कांड : 25 हजार के इनामी ने कोर्ट में किया सरेंडर
कानपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। बहुचर्चित किडनी ट्रांसप्लांट कांड में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब फरार चल रहा 25 हजार रुपये का इनामी आरोपित और ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ने पुलिस को चकमा देते हुए एसीजेएम-6 कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपित सिर पर टोपी और चेहरे पर मास्क लगाकर अदालत पहुंचा, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। कोर्ट में सरेंडर के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई पूरी की और जेल भेज दिया।
बताया जा रहा है कि किडनी कांड के खुलासे के बाद से ही आरोपित लगातार फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में नोएडा, गाजियाबाद और उत्तराखंड समेत कई स्थानों पर दबिश दे रही थी। बावजूद इसके वह पुलिस के हाथ नहीं लग सका और आखिरकार सीधे अदालत पहुंचकर सरेंडर कर दिया। इस घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मुदस्सर अली 11वां आरोपित है। वह खुद को डॉक्टर बताकर इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस रिकॉर्ड में भी उसका नाम डॉक्टर अली के रूप में दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि 29 मार्च को रावतपुर के केशवपुरम स्थित एक अस्पताल में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट का मामला सामने आया था। जांच में खुलासा हुआ कि बिहार के एक युवक से लाखों रुपये में किडनी खरीदकर उसे दूसरे मरीज को ऊंची कीमत पर बेचा गया। शिकायत के बाद पुलिस ने विभिन्न अस्पतालों में एक साथ छापेमारी कर इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह में कई लोग शामिल थे, जो अलग-अलग राज्यों से लोगों को लालच देकर या दबाव बनाकर इस अवैध धंधे में शामिल करते थे। ऑपरेशन के लिए बाहर से टीम बुलाई जाती थी और पूरे नेटवर्क को सुनियोजित तरीके से संचालित किया जाता था।
डॉ. अली के अधिवक्ता मोहित द्विवेदी ने कहा कि उनके मुवक्किल का नाम प्रारंभिक रिपोर्ट में शामिल नहीं था। बाद में जांच के दौरान उनका नाम सामने आया। उन्होंने बताया कि कोर्ट में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है और आगे की सुनवाई में सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपित से पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

