home page

घरेलू विवाद में पति ने गला घोंट कर की थी पत्नी की हत्या, लूट का रचा था षड्यंत्र, जेवर बरामद

 | 
घरेलू विवाद में पति ने गला घोंट कर की थी पत्नी की हत्या, लूट का रचा था षड्यंत्र, जेवर बरामद


चित्तौड़गढ़, 18 जुलाई (हि.स.)। जिले के निंबाहेड़ा सदर थाना पुलिस ने मांगरोल गांव में हुई महिला हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने मृतका के पति नानाल कुम्हार को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल किए गए जेवर भी बरामद कर लिए हैं। आरोपित ने घरेलू विवाद के बाद पत्नी की हत्या कर वारदात को लूट का रूप देने की कोशिश की थी।

पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि 5 जुलाई को मांगरोल निवासी रतनीबाई पत्नी नानालाल कुम्हार सुबह भैंस चराने के लिए जेके फैक्ट्री के पास अपने खेत पर गई थी। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की तो खेत के पास पड़त जमीन पर चट्टानों के बीच उसका शव मिला। शव के चेहरे पर चोट और गले में रस्सी के निशान थे। मृतका के पिता बालूलाल प्रजापत की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पोस्टमार्टम में मौत का कारण गला घुटना सामने आया। जांच के दौरान मृतका के पिता ने दामाद नानालाल पर संदेह जताया। पुलिस ने सीसी टीवी फुटेज और आस-पास के लोगों से पूछताछ की। मृतका का पति नानालाल बार-बार बीमार होने और सनकी बातें करने लगा, जिससे पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस पूछताछ में आरोपित ने जुर्म कबूल किया। उसने बताया कि 17 साल पहले रतनीबाई से उसकी शादी हुई थी और दोनों के दो बच्चे हैं। अक्सर दोनों में झगड़ा होता था। 5 जुलाई को रतनीबाई भैंस लेकर खेत गई तो नानालाल ने उसे रोक कर घर पर चुरमा बाटी बनाने को कहा। मना करने पर दोनों में कहासुनी हुई। कुछ देर बाद नानालाल भी खेत पहुंचा। वहां फिर विवाद हुआ तो गुस्से में उसने भैंस बांधने की रस्सी से पत्नी का गला घोंट दिया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में जांच के बाद थानाधिकारी संजय शर्मा ने नानालाल को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर खेत से छिपाए गए जेवर बरामद किए गए। पुलिस ने घटना का सीन रीक्रिएट भी कराया। वारदात के खुलासे में निंबाहेड़ा सदर थानाधिकारी संजय शर्मा, एएसआई प्रहलाद सिंह, हेड कांस्टेबल सुंदरपाल, कांस्टेबल जीवन, विजय, दयाराम की टीम शामिल थी

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि हत्या के बाद आरोपित ने वारदात को लूट का रूप देने के लिए मृतका के गले से मांदलिया और दोनों पैरों के पायजेब उतार लिए। जेवर लेकर वह अपने दूसरे खेत में गया और कुएं के पास पत्थरों के नीचे छिपा दिए। इसके बाद वह घर जाकर बीमार होने का नाटक कर परिजनों के साथ चित्तौड़गढ़ अस्पताल चला गया। शाम को वापस आ गया। जब रतनीबाई घर नहीं आई तो परिजनों ने तलाश की और शव मिला। इस दौरान भी आरोपित मौके पर नहीं गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अखिल