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मध्यान्ह भोजन खाने के बाद सैकड़ो बच्चे बीमार,अस्पताल में भर्ती

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मध्यान्ह भोजन खाने के बाद सैकड़ो बच्चे बीमार,अस्पताल में भर्ती


सहरसा, 07 मई (हि.स.)। जिले के महिषी प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय बलुआहा और प्राथमिक विद्यालय तेघड़ा में भोजन करने के कुछ देर बाद ही बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी, जिसके बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।आनन-फानन में शिक्षकों और स्थानीय लोगों की मदद से बीमार छात्रों को इलाज के लिए महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और मॉडर्न अस्पताल सहरसा पहुंचाया गया, जहां सभी बच्चों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की टीम बच्चों की स्वास्थ्य जांच में जुटी हुई है।

घटना की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी, अस्पताल प्रबंधक और शिक्षा विभाग के कर्मी भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। वहीं अभिभावकों में घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता खराब थी। जिसकी वजह से बच्चे बीमार हुए।फिलहाल सभी छात्रों की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम एवं ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा जांच शुरू कर दी है और भोजन के नमूने को जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।मध्यान भोजन खाने से महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा के 150 से अधिक बच्चे की हालत नाजुक हो गई।

बच्चों के तबीयत अधिक खराब होने के कारण उन्हें पीएचसी महिषी एवं सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।मालूम हो कि एक एनजीओ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर दलित उत्थान समिति द्वारा विद्यालय में मध्यान भोजन दिया जाता है। मिली जानकारी के मुताबिक भोजन बनाने में गड़बड़ी हुई और विषाक्त भोजन बच्चों को परोसा गया जिससे उसकी हालत नाजुक हो गई,जिसमें 150 से अधिक बच्चों की स्थिति नाजुक है।घटना की सूचना पर जिलाधिकारी दीपेश कुमार अस्पताल पहुंच कर बेहतर इलाज के निर्देश दिया।उन्होंने कहा कि 115 बच्चे विषाक्त भोजन के शिकार हुए हैं।जिसका इलाज किया जा रहा हैं।सभी बच्चे खतरे से बाहर है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में जांच के आदेश दिए गए हैं।किसी को भी बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती। मामले की गंभीरता से जांच किया जा रहा है और रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अजय कुमार