नेपाल ले जाई जा रही मिजोरम की दो नाबालिग लड़कियां मुक्त, मानव तस्करी के आरोप में अधेड़ गिरफ्तार
सिलीगुड़ी, 12 अक्टूबर (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भारत-नेपाल सीमा के पानीटंकी क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने मानव तस्करी के संदेह में मिजोरम की 17 वर्षीय लड़की को एक 61 वर्षीय व्यक्ति से पूछताछ के बाद उसी रात सिलीगुड़ी स्थित आरोपित के घर से मिजोरम की एक अन्य 17 वर्षीय लड़की को भी मुक्त कराया गया। इसके बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपित अहमदाबाद, गुजरात का निवासी बताया गया है।
एसएसबी ने यह कार्रवाई रविवार शाम बाल अधिकार संगठन जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन कोसी लोक मंच के साथ मिलकर की। प्रारंभिक पूछताछ में पहली लड़की ने बताया कि उसे नेपाल में कैसीनो में नौकरी दिलाने के बहाने ले जाया जा रहा था। उसके माता-पिता का निधन हो चुका है। आरोपित ने लड़की से अपने संबंध को लेकर अलग दावा किया।
आरोपित के मोबाइल फोन की जांच में नाबालिगों से संबंधित अश्लील तस्वीरें, वीडियो और बाल यौन शोषण सामग्री मिलने की बात सामने आई है।
पूछताछ में पता चला कि सिलीगुड़ी स्थित उसके घर में एक और नाबालिग लड़की रह रही है। टीम ने भक्ति नगर थाने को सूचना देकर शिकायत दर्ज कराई और रात करीब 11 बजे घर पहुंचकर दूसरी लड़की को मुक्त कराया। उसे नौकरी का झांसा देकर लाया गया था, लेकिन उससे घरेलू सहायिका का काम कराया जा रहा था। उसके मोबाइल फोन में भी कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री मिली।
इसके बाद टीम पानीटंकी सीमा पर लौटी और आरोपी को हिरासत में ले लिया। खोरीबाड़ी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो अधिनियम, अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों लड़कियों को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय सचिव ऋषि कांत ने कहा कि सीमा क्षेत्र में हाल की कार्रवाइयों से नौकरी या डांस कार्यक्रमों में काम दिलाने के बहाने लड़कियों को ले जाने की चिंताजनक प्रवृत्ति सामने आई है। उन्होंने समय रहते कार्रवाई कर दोनों लड़कियों को संभावित तस्करी से बचाने के लिए एसएसबी की सराहना की।
हिन्दुस्थान समाचार / संतोष मधुप

