फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से 3.90 करोड़ का फर्जीवाड़ा, तीन गिरफ्तार
कोलकाता , 15 जुलाई (हि.स.)।
फर्जी दस्तावेजों और बिल्डिंग प्लान के जरिए पंजाब एक राष्ट्रीयकृत बैंक से करीब 3.90 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट लोन लेकर उसे हड़पने वाले एक बड़े बैंक धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बुधवार देर रात हावड़ा के डुमुरजला और नंदलाल चटर्जी लेन इलाके में जिला डिटेक्टिव स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (डीडी एसआईटी) और एंटी बैंक फ्रॉड विंग की संयुक्त कार्रवाई में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से लगभग 1 करोड़ 55 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2018 या उससे पहले से इस धोखाधड़ी की साजिश रची जा रही थी। एम/एस आईनिंग्स वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और गारंटर मानस राय, तपस राय, तन्मय राय, स्निग्धा राय और प्रशांत चौधरी ने मिलकर इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। कंपनी का कार्यालय हावड़ा के डुमुरजला स्थित कालाबागान लेन में है।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हावड़ा नगर निगम के नाम पर एक फर्जी बिल्डिंग सैंक्शन प्लान तैयार कर उसे असली बताकर पंजाब नेशनल बैंक से 3.90 करोड़ रुपये का कैश क्रेडिट लोन हासिल किया। लोन मिलने के बाद आरोपियों ने न तो किसी ईएमआई का भुगतान किया और न ही बैंक का पैसा लौटाया।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि लोन की राशि को विभिन्न सहयोगी कंपनियों जैसे एडामस एप्लायंसेज, नॉक्स एंड शेफ्स डेक, एडामास एप्लायंसेज एंड इलेक्ट्रॉनिक्स तथा एडामास फर्नीचर के बैंक खातों में ट्रांसफर कर सुनियोजित तरीके से हड़प लिया गया।
बुधवार देर रात पुलिस ने नंदलाल चटर्जी लेन स्थित ठिकाने पर छापेमारी कर तीन मुख्य आरोपियों मानस राय, तपस राय और तन्मय राय को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के बाद उनके घरों में तलाशी अभियान चलाया गया, जहां से लगभग 1 करोड़ 55 लाख रुपये नकद बरामद कर जब्त किए गए।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड की मांग के साथ अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस इस पूरे मामले में अन्य आरोपियों तथा संबंधित बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

