बिलासपुर : चीफ जस्टिस की तस्वीर रखकर श्मशान घाट में तंत्र साधना का मामला, अब सामने आया असली मकसद
बिलासपुर, 11 अगस्त (हि.स.)। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की तस्वीर रखकर श्मशान घाट में तंत्र साधना किए जाने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह तंत्र साधना चीफ जस्टिस को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि चाकूबाजी के मामले में पीड़ित परिवार को डराने के लिए की गई थी। आरोप है कि जेल में बंद एक युवक की जमानत में खर्च हुए एक लाख रुपये पीड़ित परिवार से मांगे जा रहे थे। रकम नहीं देने पर तांत्रिक क्रिया के जरिए परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
मामले में फरार चल रहे तीन आरोपितों को पुलिस ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले एक युवक को ग्रामीणों ने देवरी श्मशान घाट में ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। पुलिस के मुताबिक, यही युवक कथित तौर पर तंत्र साधना कर रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों ने इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया था।
पुलिस के अनुसार, दयालबंद निवासी ओम बोले (23) का भाई प्रियांशु बोले चाकूबाजी के एक मामले में जेल में बंद है। आरोप है कि, ओम बोले अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचा और प्रियांशु की जमानत में खर्च हुए एक लाख रुपये वापस करने की मांग की। परिवार ने जब रकम देने से इनकार किया तो उन्हें धमकाया गया।
पैसे नहीं दिए तो तंत्र साधना से डराने का आरोप
आरोप है कि, ओम बोले के साथ तरुण बजाज (27), मोहम्मद इसरार (22) और ऋषिकेश कुमार (28) भी थे। सभी ने परिवार पर पैसे देने और चाकूबाजी का मामला वापस लेने का दबाव बनाया। आरोपितों ने कथित तौर पर परिवार को धमकाते हुए कहा कि यदि रकम नहीं दी गई तो तांत्रिक क्रिया कराकर उन्हें नुकसान पहुंचाया जाएगा।
पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार पर मानसिक दबाव बनाने के लिए श्मशान घाट में तंत्र साधना कराने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए आरोपितों ने इंस्टाग्राम के जरिए ऋषिकेश कुमार से संपर्क किया था।
श्मशान घाट से मिली तस्वीरों ने बढ़ाया सस्पेंस
देवरी श्मशान घाट में कार्रवाई के दौरान पुलिस को कुछ तस्वीरें मिलीं। इनमें हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद प्रियांशु बोले और शिकायतकर्ता की तस्वीरें होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि, इन तस्वीरों का इस्तेमाल तंत्र साधना के जरिए पीड़ित परिवार को डराने और मानसिक दबाव बनाने के लिए किया गया।
पुलिस के मुताबिक, श्मशान घाट में पकड़ा गया ऋषिकेश ही कथित तौर पर तंत्र साधना कर रहा था। पूछताछ में आरोपितों के उसके संपर्क में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने फरार चल रहे अन्य आरोपितों की तलाश शुरू की और उन्हें नागपुर से गिरफ्तार कर लिया।
तोरवा थाने में दर्ज हुआ मामला
पीड़ित परिवार की शिकायत पर तोरवा थाने में धमकी देने और टोनही प्रताड़ना से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर आज मंगलवार काे न्यायालय में पेश किया है। मामले में तंत्र साधना की पूरी गतिविधि, आरोपितों के बीच संपर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
एएसपी सिटी पंकज पटेल ने बताया कि शिकायत के आधार पर तोरवा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

