झाबुआ: बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज भाइयों ने की थी प्रेमी की हत्या, रेलवे लाइन पर फेंक दिया था शव
झाबुआ, 30 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जनजातीय बाहुल्य झाबुआ जिले के बामनिया रेलवे स्टेशन के पास जंगल में हुई एक युवक की जघन्य हत्या का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया है। उसकी हत्या प्रेम संबंधों को लेकर ही की गई थी।
मृतक युवक के पेटलावद थाना क्षेत्र के ग्राम सातेर निवासी युवती से प्रेम संबंध था, जो कि युवती के भाइयों को नागवार गुजर रहा था, वे मौके की तलाश में थे, और जब युवक अपनी प्रेयसी को मिलने के बाद बामनिया रेलवे स्टेशन पर सो रहा था, तभी उसे पास के जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी, और इस हत्या को रेल दुर्घटना का रुप देने का कुत्सित प्रयास करते हुए मृतक के शव को रेलवे लाइन के पास बैंक दिया, किंतु पुलिस ने हत्यारों के ऐसे प्रयासों को विफल करते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। पुलिस द्वारा इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया गया कि आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जिला पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने शनिवार को बताया कि पेटलावद थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बामनिया रेलवे स्टेशन के समीप जंगल में गत रविवार को हुई अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। आरोपियों ने अपनी बहन के प्रेम संबंधों से नाराज होकर उसके प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी थी तथा घटना को रेल दुर्घटना दर्शाने का प्रयास करते हुए मृतक के शव को रेलवे लाइन के पास बैंक दिया था।
एसपी ने बताया कि 24 मई को थाना प्रभारी पेटलावद को सूचना प्राप्त हुई कि बामनिया रेलवे स्टेशन के समीप सड़क किनारे एक युवक मृत अवस्था में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना पेटलावद एवं चौकी बामनिया की पुलिस टीम (थाना प्रभारी पेटलावद निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया, उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड, प्रधान आरक्षक रविन्द्र अमलियार, आरक्षक राकेश डामोर, मनीष चारेल, दिनेश डोडियार, विजय सोलंकी, लालसिंह मुजाल्दे, राजेन्द्र परिहार, घनश्याम मालवीय, प्रकाश भगोरा, अमरसिंह मालीवाड, अनिल अमलियार एवं मोतीलाल एवं सायबर सेल) तत्काल मौके पर पहुंची तथा मर्ग (क्रमांक 36/2026) कायम कर जांच प्रारंभ की गई। घटनास्थल एवं शव के निरीक्षण के दौरान मृतक की पीठ एवं कुल्हों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। जांच में हत्या की आशंका होने पर पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 247/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।
एसपी के अनुसार घटनास्थल के निरीक्षण के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपालसिंह महोबिया एवं एसडीओपी पेटलावद अनुरक्ति साबनानी के देखरेख में थाना प्रभारी निरीक्षक निर्भयसिंह भूरिया एवं चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हीरालाल मालीवाड के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। जांच में मृतक की पहचान सुकराम पुत्र नाहरसिंह निनामा (उम्र 20 वर्ष) निवासी पिपलीपाड़ा के रूप में हुई। तकनीकी साक्ष्यों, सूक्ष्म जांच एवं मृतक के परिजनों एवं परिचितों से गहन पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग प्राप्त हुए। पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक का ग्राम सातेर निवासी युवती से पिछले तीन माह से प्रेम संबंध था, और दोनों मजदूरी के दौरान एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। गत सप्ताह जब युवक सुकराम युवती से मिलने उसके घर गया, तो इस बात की जानकारी युवती के कजिन भाइयों देवीलाल सिंगाड एवं कालु सिंगाड को लग गई। दोनों इस संबंध से अत्यंत नाराज थे और उन्होंने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सुकराम की हत्या की साजिश रच डाली। योजना के तहत आरोपियों ने सुकराम की तलाश करते हुए उसे बामनिया रेलवे स्टेशन पर सोते हुए पाया, और वे उसे जबरन पास के जंगल में ले गए, जहां एक पेड़ से गमछे के द्वारा उसके हाथ बांध दिए गए, और फिर आरोपियों ने लट्ठ एवं पत्थरों से निर्ममता पूर्वक उसकी पीठ और शरीर पर बेरहमी से प्रहार कर गंभीर चोटें पहुंचाईं, परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई। हत्या के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को अपनी मोटरसाइकिल पर रेलवे स्टेशन के पास लाकर फेंक दिया तथा घटना को रेल दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया।
एसपी ने बताया कि प्रकरण में मिली विश्वसनीय सूचना एवं जांच के आधार पर हत्या आरोपित देवीलाल पुत्र तेरसिंह सिंगाड उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम सातेर एवं कालू पुत्र शम्भु सिंगाड उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम सातेर को गिरफ्तार कर लिया गया, और पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों द्वारा जुर्म कबूलते हुए स्वीकार किया गया कि उन्होंने ही अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उक्त जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा

