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जशपुर : पीडीएस बारदानों के गबन का खुलासा, 8.39 लाख की हेराफेरी में दो आरोपित गिरफ्तार

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जशपुर : पीडीएस बारदानों के गबन का खुलासा, 8.39 लाख की हेराफेरी में दो आरोपित गिरफ्तार


जशपुर, 26 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के कांसाबेल थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के बारदानों के गबन का बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने मुख्य आरोपित सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपितों पर करीब 8 लाख 39 हजार 500 रुपए मूल्य के 33 हजार से अधिक बारदानों के गबन का आरोप है।

मामले में जिला विपणन अधिकारी अजय कुमार ठाकुर की रिपोर्ट पर थाना कांसाबेल में भारतीय दंड संहिता की धारा 408, 420 और 411 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022-23 में शासकीय उचित मूल्य दुकानों से पीडीएस बारदानों के संकलन और परिवहन का कार्य अनुबंध के आधार पर रिजवान अली को सौंपा गया था। जांच में सामने आया कि कांसाबेल विकासखंड के विभिन्न उचित मूल्य दुकानों से संकलित बारदानों को विपणन संघ के कुनकुरी गोदाम तक पहुंचाने के बजाय आरोपित ने उन्हें हड़प लिया।

कलेक्टर के निर्देश पर गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि आरोपी द्वारा कुल 33 हजार 580 बारदानों का गबन किया गया, जिनकी कीमत 25 रुपये प्रति नग के हिसाब से 8 लाख 39 हजार 500 रुपए आंकी गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर कार्रवाई शुरू की।

जशपुर पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में गठित टीम ने सूरजपुर और अंबिकापुर में दबिश देकर मुख्य आरोपित रिजवान अली (37 वर्ष), निवासी देवेल्ला पारा, मानपुर (सूरजपुर) और बारदानों के खरीददार सुधीर साहू (42 वर्ष), निवासी मठपारा, बिलासपुर चौक अंबिकापुर (सरगुजा) को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन (क्रमांक MP 65-GA-0244) और 4000 नग बारदानों को जब्त किया है। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और शेष बारदानों की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक अशोक यादव, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव, आरक्षक राजकुमार भगत, सुभाष चंद्र बोस तथा नगर सैनिक जोगेंद्र यादव की सराहनीय भूमिका रही।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह