वडोदरा में तैनात जीएसटी इंस्पेक्टर पर बांदा में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा, पत्नी ने लगाया मारपीट,घर से निकालने का आरोप
बांदा, 17 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में दहेज की मांग पूरी न होने पर जीएसटी इंस्पेक्टर पति द्वारा विवाहिता को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पति समेत ससुरालीजनों पर मारपीट, गाली-गलौज, दहेज की अतिरिक्त मांग और घर से निकालने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। पीड़िता के अनुसार पति हिमांशु सिंह चौहान जीएसटी इंस्पेक्टर हैं और उनकी तैनाती गुजरात के बड़ोदरा में है। एसपी के निर्देश पर मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
बांदा निवासी आस्था पुत्री विजय कुमार सिंह चंदेल का विवाह 25 फरवरी 2026 को आगरा निवासी हिमांशु सिंह चौहान के साथ हिंदू रीति-रिवाज से भरतपुर राजस्थान स्थित द ग्राण्ड बरसो रिजॉर्ट में हुआ था। पीड़िता का दावा है कि विवाह में उसके पिता ने तय दहेज के रूप में 51 लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए लाखों रुपये भेजे गए। करीब 20 लाख रुपये चार पहिया वाहन और 5 लाख रुपये सामान के लिए दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
पीड़िता के अनुसार विवाह से पहले 16 अप्रैल 2025 को बांदा के रॉयल आर्बिट होटल में वरीक्षा कार्यक्रम और 11 अक्टूबर 2025 को होटल रामदा में ओली व इंगेजमेंट कार्यक्रम हुआ। इंगेजमेंट में 5.51 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, कपड़े, घड़ी, ट्रॉली बैग समेत अन्य सामान दिया गया। होटल व डेकोरेशन पर करीब 9.60 लाख रुपये खर्च किए गए। भरतपुर में विवाह समारोह के लिए होटल की बुकिंग पर करीब 14.70 लाख रुपये खर्च होने का भी पीड़िता ने उल्लेख किया है। तिलक, द्वारचार, खोरवा, कलेवा और विदाई में भी नकदी, सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान दिए जाने का दावा किया गया है।
आरोप है कि इतना दहेज देने के बावजूद पति हिमांशु सिंह चौहान, ससुर जशवन्त सिंह चौहान, सास साधना सिंह, देवर शुभम सिंह और नानी सुशीला सिंह अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। पीड़िता के मुताबिक पहले करीब 20 लाख रुपये की कार देने की बात थी, लेकिन बाद में 42 लाख रुपये की कार की मांग की जाने लगी। विवाह के दिन भी मांग दोहराई गई और कार की रकम पूरी नहीं होने पर विदाई कराने से इनकार कर दिया गया। रिश्तेदारों के समझाने के बाद किसी तरह विदाई कराई गई।
पीड़िता का आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद ही पति ने सास के उकसाने पर उसके साथ मारपीट की और दहेज की मांग पूरी नहीं होने को लेकर अपमानित किया। कुछ दिन मायके रहने के बाद जब वह 6 मार्च को दोबारा ससुराल पहुंची तो पति ने फिर गाली-गलौज और मारपीट की। पति के गुजरात स्थित बड़ोदरा तैनाती स्थल पर चले जाने के बाद सास और देवर द्वारा भी कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप है।
शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि बाद में जीएसटी इंस्पेक्टर पति उसे अपने साथ गुजरात ले गया, जहां उसके साथ मारपीट कर गला दबाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इसके बाद पति ने उल्टा उसे झूठे मामले में फंसाकर थाने में बंद करा दिया। सूचना मिलने पर जब पीड़िता के पिता गुजरात पहुंचे तो उनके साथ भी कथित रूप से अभद्रता की गई।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि पति और ससुरालीजनों ने उसे घर से निकाल दिया तथा साथ रखने से साफ इनकार कर दिया। पति पर किसी अन्य महिला से संबंध होने की बात सार्वजनिक करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता के मुताबिक पति ने उसे धमकी दी कि यदि उसने इस संबंध की बात सार्वजनिक की तो वह आत्महत्या कर उसके और उसके पिता व भाई का नाम लिखकर सभी को फंसा देगा।
पीड़िता ने बांदा लौटने के बाद महिला थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि वहां तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया। मीडिएशन के दौरान भी पति द्वारा उसे साथ रखने से इनकार करने की बात सामने आई। इस संबंध में महिला थाना प्रभारी मोनी निषाद ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर पति जीएसटी इंस्पेक्टर हिमांशु सिंह चौहान समेत ससुरालीजनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह

