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ज्वेलरी कारखाने में सेंध लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़

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ज्वेलरी कारखाने में सेंध लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़


जयपुर, 02 अगस्त (हि.स.)। खोरा बीसल थाना पुलिस ने बिल्यूवास गांव स्थित ज्वैलरी कारखाने में हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी, उसकी प्रेमिका और मुंहबोले साले सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 11 किलो चांदी के आभूषण, चांदी के बर्तन, चांदी की सिल्ली के टुकड़े, आभूषण निर्माण सामग्री तथा चोरी का अन्य सामान बरामद किया है। मामले में आरोपियों से पूछताछ जारी है।

डीसीपी (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में राजू गवारिया उर्फ राजकुमार उर्फ राजा, उसका मुंहबोला साला लोकेश गवारिया तथा महिला मित्र इंद्रा वर्मा शामिल हैं। तीनों के खिलाफ चोरी और नकबजनी के कई मामले पहले से दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार 27 जुलाई को बिल्यूवास निवासी लालचंद स्वामी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 जुलाई को गांव जाने के दौरान उनके मकान के पीछे स्थित ज्वैलरी कारखाने के ताले तोड़कर चोर करीब 11 किलो चांदी के आभूषण व बर्तन तथा 30 ग्राम सोने के आभूषण चोरी कर ले गए।

वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तथा संदिग्धों की पहचान कर निगरानी शुरू की। जांच के दौरान जहाजपुर (भीलवाड़ा) निवासी राजू गवारिया और लोकेश गवारिया को संदिग्ध अवस्था में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने महिला साथी के साथ चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद किशनबाग स्थित महिला के घर से चोरी का माल बरामद किया गया।

पुलिस जांच में सामने आया कि लोकेश पहले सूने मकानों और कारखानों की रेकी करता था। वारदात के बाद दोनों आरोपी पार्क या फुटपाथ पर पहुंचकर नशे में होने का नाटक करते, जबकि महिला साथी चोरी का माल अपने साथ ले जाती थी। बाद में माल को ठिकाने लगाने की तैयारी की जाती थी। पुलिस ने आरोपियों द्वारा पिघलाई जा रही कुछ चांदी भी जब्त की है।

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी लोकेश गवारिया के खिलाफ जयपुर के हरमाड़ा, मुहाना, सांगानेर, मानसरोवर, शिप्रापथ, गलता गेट तथा टोंक जिले के देवली थाने सहित विभिन्न स्थानों पर चोरी और नकबजनी के 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों का भी खुलासा करने का प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई में खोरा बीसल थानाधिकारी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में एएसआई रणसिंह, कांस्टेबल शीशराम, रामसिंह, राकेश कुमार, गुरुदयाल, मीना तथा तकनीकी शाखा के राजमहेंद्र, मुकुट बिहारी और सुरेश की विशेष भूमिका रही।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश