अनूपपुर: म्यूल बैंक खातों के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार
अनूपपुर, 19 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश अनूपपुर जिले के कोतमा थाना पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी और अवैध गैम्बलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य सदस्य दीपक यादव उर्फ फिलिप को गिरफ्तार किया, अब तक कुल 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। आरोपी को गुरूवार को जेल भेज दिया गया। इस गिरोह का संचालन दुबई में बैठकर किया जा रहा था, जबकि भारत में इसके तार मुंबई से जुड़े पाए गए हैं।
थाना प्रभारी कोतमा निरीक्षक रत्नाम्बर शुक्ल ने गुरुवार को बताया कि पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देशन में एक आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना दुबई में फरार है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। गिरफ्तार आरोपी के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ है, जिसमें 165 एटीएम कार्ड, 23 सिम कार्ड, 20 पासबुक, 5 चेकबुक, 18 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और एक राउटर शामिल हैं।
सरकारी योजनाओं के नाम पर खुलवाए जाते थे खाते
थाना प्रभारी कोतमा ने बताया कि इस कार्रवाई में “म्यूल अकाउंट” (दूसरों के नाम पर बैंक खाते) के जरिए ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। मामले की शुरुआत ग्राम पड़ोर निवासी दीपक केवट की शिकायत से हुई, जिसमें बताया गया था कि कुछ लोग सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम, पासबुक और सिम अपने पास रख लेते हैं और कमीशन देकर खातों का दुरुपयोग करते हैं।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की भूमिका पर उठे सवाल
कोतमा निवासी बादल सोनी उर्फ जिमी अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों के खाते बैंक ऑफ महाराष्ट्र में खुलवाते थे, क्योंकि इस बैंक के एटीएम की लिमिट अधिक होती है। इसके बाद सभी दस्तावेज मुंबई भेजे जाते थे, जहां से उन्हें दुबई भेजकर ऑनलाइन ठगी और अवैध लेन-देन में इस्तेमाल किया जाता था। इस वजह से बैंक की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
मुंबई से दुबई तक फैला नेटवर्क
मुंबई में गिरफ्तार आरोपी दीपक यादव उर्फ फिलिप के जरिए यह नेटवर्क संचालित होता था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह दुबई में बैठे सरगना हितेश नंदवानी उर्फ सिल्वर ओक्स, विशाल जत्यानी उर्फ विक्की, पंकज सुखनानी एवं नीतू नंदवानी के निर्देश पर काम करता था। वह रोजाना 10–12 लाख रुपये की नकदी एटीएम से निकालकर आगे भेजता था। फिलहाल मुख्य सरगना सहित अन्य आरोपी दुबई में फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी है और बैंक कर्मचारियों समेत अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच जारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला

