ऑटो में सवारी बनकर चोरी करने वाला गिरोह बेनकाब, चाची-भतीजी समेत तीन गिरफ्तार
कानपुर, 26 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में बादशाहीनाका पुलिस ने ऑटो रिक्शा में सवारी बनकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए गुरुवार को चाची-भतीजी समेत तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्यों ने नौ मार्च को शादी समारोह में शामिल होने जा रही महिला को अपना निशाना बनाते हुए 15 लाख रुपये की ज्वेलरी पार कर दी थी। तीनों को न्यायलय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
अपर पुलिस उपायुक्त पूर्वी अंजली विश्कर्मा ने गुरुवार को घटना का खुलासा करते हुए बताया कि नौघड़ा मार्केट रामगंज इलाके में रहने वाली रंजना पाल नौ मार्च को ऑटो रिक्शा से अपमी बेटियों मुस्कान और श्रेया के साथ एक रिश्तेदार की सगाई में सम्मलित होने के लिए घण्टाघर तक के लिए बैठी थी। उस ऑटो रिक्शा में चालक के अलावा दो महिलाएं पीछे सीट पर बैठी थीं। हाल्सी रोड स्थित मुरब्बा भण्डार से घण्टाघर के बीच में ही उन महिलाओं ने मेरी बैग की चैन खोलकर उसमें रखे मेरे ज्वेलरी के पर्स को चोरी कर लिया। उसमें मंगलसूत्र, चैन, दो जोड़ी झुमके, सात अंगूठियां, सोने का हार, नाक की कील सोने की तथा दो जोड़ी पायल व चांदी के बिछिया थे।
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाले तो उसमें दो संदिग्ध महिला कैद हुईं। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दोनों महिलाओं जूही निवासी राधिका, संजना और ऑटो चालक शारिक को घंटाघर चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि ऑटो चालक शारिक के भी इनके गिरोह में शामिल था। दोनों महिलाएं सवारी बन पीछे बैठकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देती थीं। इनके पास से 49 हजार 570 रुपये नकद और कुछ ज्वेलरी बरामद हुई है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि राधिका और संजना चाची-भतीजी हैं। इसके अलावा राधिका पर पूर्व में चोरी के चार मुकदमे दर्ज हैं और वह चार बार जेल भी जा चुकी है। संजना का पति गोपी भी फरार है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

