चित्रकूट की देवांगना घाटी के जंगल में हुए गैंगरेप कांड के तीनाें आराेपित गिरफ्तार
---मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी घायल, 2 अन्य गिरफ्तार, 1 पुलिसकर्मी भी जख्मी
--एसओजी और बहिलपुरवा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, तमंचे व बाइक बरामद
चित्रकूट, 26 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र स्थित देवांगना घाटी में 22 जुलाई को छात्रा के साथ हुए गैंगरेप की घटना का पुलिस ने रविवार काे खुलासा कर दिया। इस मामले में वांछित 50-50 हजार रुपये के तीनों इनामी अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शनिवार शाम मड़फा पहाड़ पर हुई मुठभेड़ में मुख्य अभियुक्त के पैर में गोली लगी। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकांत राय, क्षेत्राधिकारी नगर सत्येंद्र सिंह एवं क्षेत्राधिकारी मऊ फहद अली के पर्यवेक्षण में एसओजी और थाना बहिलपुरवा की टीम ने यह सफलता हासिल की।
’ऐसे आया मामला प्रकाश में’
बीती 22 जुलाई को देवागंना घाटी में एक छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना हुई थी। पीड़िता की तहरीर पर थाना बहिलपुरवा में सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा एवं पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस टीम गठित कर शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए।
पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और पीड़िता द्वारा की गई शिनाख्त के आधार पर 24 जुलाई को तीनों अभियुक्तों की पहचान की। जिसमे जितेंद्र उर्फ भोले पुत्र देवराज पटेल निवासी ग्राम कल्ला, चौकी शिवरामपुर,विवेक कुमार पटेल पुत्र नरेश कुमार पटेल निवासी रैपुरवा माफी, शिवरामपुर व प्रवीण पटेल पुत्र शिवमूरत निवासी मानपुर, भरतकूप हाल पता कल्ला पर 50-50 हजार का इनाम घोषित था।
’मुठभेड़ में मुख्य आरोपी घायल’
25 जुलाई 2026 को शाम 4:50 बजे मुखबिर की सूचना पर मड़फा पहाड़ हुडा रोड भरतकूप पर घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर जितेंद्र उर्फ भोले ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से 2 अदद तमंचा 315 बोर, 3 अदद जिंदा कारतूस 315 बोर, 3 अदद खोखा कारतूस 315 बोर और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई।
’दो अन्य भी दबोचे गए’
मुठभेड़ के बाद फरार हुए शेष दो आरोपियों की तलाश जारी थी। 26 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर मछरिहा तिराहा से विवेक पटेल उर्फ सोनू और प्रवीण पटेल को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में इनसे कुछ बरामद नहीं हुआ।
पूछताछ में तीनों ने बताया कि 22 जुलाई को देवागंना घाटी में एक लड़का-लड़की घूमने आए थे। तभी तीनों ने मिलकर लड़की के साथ बारी-बारी बलात्कार किया। इसके बाद घबराकर सेमरदहा में छिप गए और आधी रात को जितेंद्र की मोटरसाइकिल से मालिन टंकी, सरैंया, बोडी पोखरी, रैपुरा, खोह होते हुए शिवरामपुर पहुंच गए थे।
’गिरफ्तारी करने वाली टीम’
’एसओजी टीम’ में निरीक्षक एमपी त्रिपाठी, उप निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी जितेंद्र कुमार, मुख्य आरक्षी नितेश समाधिया, आरक्षी आशीष यादव, आरक्षी गोलू भार्गव, आरक्षी ज्ञानेश मिश्रा, आरक्षी रोशन, आरक्षी जयनारायण पटेरिया, आरक्षी रोहित कुमार सिंह, आरक्षी राघवेन्द्र सिंह और थाना बहिलपुरवा टीम में विवेक कुमार सिंह थानाध्यक्ष, उप निरीक्षक हारून रशीद खां, आरक्षी मोनू राय, आरक्षी सतीश कुमार यादव, आरक्षी चालक जितेंद्र आदि रहें।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गैंगरेप, पॉक्सो एक्ट और आर्म्स एक्ट में चालान कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक ने गिरफ्तारी करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रतन पटेल

