मझौली में गेहूं उपार्जन घोटाला: 1.35 करोड़ का अनाज गायब, 10 लोगों पर एफआईआर
जबलपुर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के मझौली क्षेत्र में गेहूं उपार्जन के दौरान लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन की जांच में अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद 10 आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपितों में रीना लोधी, शुभम बर्मन, मयूरी लोधी, प्रमोद कुमार मिश्रा, प्रकाश पाण्डेय, अमन पाण्डेय, आकाश पाण्डेय, अनिल पटेल और रिंकू साहू सहित अन्य शामिल हैं।
प्रशासन द्वारा कराए गए भौतिक सत्यापन और रिकॉर्ड जांच में उपार्जन केंद्र के स्टॉक में भारी कमी पाई गई। जांच के दौरान केंद्र के रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण में बड़ा अंतर सामने आया, जिसमें कुल 5168.70 क्विंटल गेहूं कम पाया गया। गायब गेहूं की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.35 करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कर स्टॉक को कागजों में सही दर्शाने का प्रयास किया। साथ ही सरकारी बारदानों के उपयोग और उनके रिकॉर्ड में भी बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। बिना वास्तविक अनाज की आवक के ही पोर्टल पर गेहूं की एंट्री दर्ज कर सरकारी व्यवस्था को धोखा देने की साजिश रची गई।
इस मामले की विशेष बात यह है कि पहली बार खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कर्मचारियों, ग्राम संगठन के पदाधिकारियों, सर्वेयरों और कथित बिचौलियों के खिलाफ भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक

